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Dhanteras 2025: धनतेरस कल, जानें खरीदारी का मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व ‌

On: October 17, 2025 5:34 PM
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Dhanteras 2025: दीपावली का पावन पर्व शुरू होने जा रहा है। इस बार पांच दिनों तक चलने वाला दीपोत्सव 18 अक्टूबर 2025, शनिवार से शुरू होगा, जिसकी शुरुआत धनतेरस (धनत्रयोदशी) से होगी। धनतेरस का दिन मां लक्ष्मी, भगवान धन्वंतरि और कुबेर जी की पूजा-अर्चना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन की गई पूजा और खरीदारी से घर में सुख-समृद्धि, धन, वैभव और सौभाग्य की वृद्धि होती है।

धनतेरस का धार्मिक महत्व

हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस मनाया जाता है। इस दिन समुद्र मंथन से धन्वंतरि देव (आयुर्वेद के जनक) के प्रकट होने का उत्सव मनाया जाता है। इसके साथ ही मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की आराधना करने से घर में धन की वर्षा होती है। परंपरा के अनुसार, इस दिन सोना-चांदी, तांबे या पीतल के बर्तन, झाड़ू, धनिया, खील-बताशे और सुपारी खरीदना शुभ माना जाता है।

धनतेरस पूजा का शुभ मुहूर्त

प्रदोष काल: शाम 5:48 से रात 8:20 बजे तक

वृषभ काल: शाम 7:16 से रात 9:11 बजे तक

धनतेरस पूजा का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त: शाम 7:16 से रात 8:20 बजे तक

यम दीपदान मुहूर्त: शाम 5:48 से 7:04 बजे तक


धनतेरस पूजा विधि

1. ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान आदि कर घर की साफ-सफाई करें।

2. प्रदोष काल में मंदिर या पूजा स्थल पर मां लक्ष्मी, भगवान धन्वंतरि और कुबेर जी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।

3. दीपक जलाने से पहले उसके नीचे खील या चावल रखें और फिर घी या तेल का दीपक प्रज्वलित करें।

4. देवी-देवताओं को जल, रोली, हल्दी, फूल, पान, फल और मिठाई अर्पित करें।

5. “ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः”, “ॐ नमो धन्वंतरये नमः” और “ॐ कुबेराय नमः” मंत्रों का जप करें।

6. आरती करके पूजा का समापन करें और दिन के अंत में दान करना न भूलें।


धनतेरस पर खरीदारी के शुभ चौघड़िया मुहूर्त

दिन के मुहूर्त:

शुभ काल: सुबह 7:49 से 9:15 बजे तक

चर काल: दोपहर 12:06 से 1:32 बजे तक

लाभ काल: दोपहर 1:32 से 2:57 बजे तक

अमृत काल: दोपहर 2:57 से 4:23 बजे तक


रात के मुहूर्त:

लाभ काल: शाम 5:48 से 7:23 बजे तक

शुभ काल: रात 8:57 से 10:32 बजे तक

अमृत काल: रात 10:32 से 12:06 बजे तक

चर काल: रात 12:06 से 1:41 बजे तक


क्या खरीदें धनतेरस पर?

• सोने-चांदी के सिक्के या आभूषण

• पीतल या तांबे के बर्तन

• झाड़ू (मां लक्ष्मी का प्रतीक)

• खील-बताशे और धनिया

• नया गृहसामान या इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएं


शुभ संदेश

धनतेरस की पूजा और खरीदारी से जीवन में नई ऊर्जा, सौभाग्य और समृद्धि का संचार होता है। इस शुभ दिन पर किया गया दान और पूजन न केवल आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाता है, बल्कि परिवार में सुख-शांति का भी वास करता है।

आपको और आपके परिवार को धनतेरस की हार्दिक शुभकामनाएं!

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

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