
गिरिडीह: झारखंड के गिरिडीह जिले में बीयर के पैसे को लेकर शुरू हुआ विवाद हत्या तक पहुंच गया। भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) से जुड़े नेता मिथिलेश यादव उर्फ छोटी यादव की हत्या के मामले में पुलिस ने लाइन होटल के संचालक और उसके कर्मचारी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों ने हत्या के बाद वारदात को सड़क दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की थी, लेकिन जांच के दौरान उनकी साजिश का खुलासा हो गया।
पुलिस ने बगोदर थाना क्षेत्र के घाघरा इलाके में संचालित रिंकू होटल के मालिक महेश रजक और उसके कर्मचारी सीमा ठाकुर को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल टांगी और सब्बल के अलावा एक मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन भी बरामद किया है। एसपी डॉ. बिमल ने प्रेस वार्ता कर पूरे मामले की जानकारी दी।
एसपी के अनुसार, 14 अगस्त को पुलिस को सूचना मिली थी कि राजनीतिक दल से जुड़े मिथिलेश यादव की हत्या कर दी गई है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। शुरुआती छानबीन के दौरान रिंकू होटल के संचालक महेश रजक और उसके कर्मचारी सीमा ठाकुर की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। इसके बाद दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में दोनों ने हत्या की बात स्वीकार कर ली। इसके बाद पुलिस ने उनकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियार बरामद किए।
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि 13-14 अगस्त की रात मिथिलेश यादव शराब के नशे में रिंकू होटल पहुंचा था। उसने बीयर मांगी। होटल से उसे एक बीयर की बोतल दी गई। इसके बाद उसने दूसरी बीयर मांगी तो होटल संचालक ने उससे पैसे देने को कहा। मिथिलेश ने कथित तौर पर होटल का QR कोड लिया और भुगतान के लिए अपने एक मित्र को भेज दिया। हालांकि, होटल के खाते में रकम नहीं पहुंची। इसी वजह से होटल संचालक और कर्मचारी ने दूसरी बीयर देने से इनकार कर दिया। इस बात को लेकर मिथिलेश गुस्सा हो गया और होटल में मौजूद लोगों से उसका विवाद हो गया।
विवाद के बाद मिथिलेश होटल से निकलकर अपनी बाइक से आगे बढ़ गया। पुलिस के अनुसार, इसके बाद होटल मालिक और उसका कर्मचारी भी दूसरी बाइक से उसका पीछा करने लगे। कुछ दूरी आगे सर्विस रोड पर कपसा मंदिर के पास मिथिलेश नशे की हालत में बाइक समेत असंतुलित होकर गिर गया।
पुलिस का दावा है कि इसी दौरान दोनों आरोपियों ने उस पर टांगी और सब्बल से हमला कर दिया। हमले में गंभीर चोट लगने के कारण मिथिलेश की मौत हो गई।
हत्या के बाद आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए वारदात को सड़क दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की। इसके लिए उन्होंने मिथिलेश की मोटरसाइकिल को क्षतिग्रस्त किया और शव को सर्विस रोड पर चित अवस्था में लिटा दिया। बाइक को भी शव के पास गिरा दिया गया, ताकि पहली नजर में घटना सड़क हादसा लगे। इसके बाद दोनों आरोपी वापस अपने होटल लौट गए। पुलिस के अनुसार, उन्होंने हत्या में इस्तेमाल टांगी और सब्बल को होटल के नीचे स्थित एक कमरे में ले जाकर साफ किया और वहां छिपा दिया।
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि मिथिलेश यादव से मुफ्त में बीयर लेने को लेकर पहले भी विवाद हुआ था। दोनों के मन में उसके प्रति नाराजगी थी। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने यह भी बताया कि मिथिलेश के राजनीतिक संपर्कों की वजह से वे पहले उसका खुलकर विरोध नहीं कर पा रहे थे। हालांकि, 13-14 अगस्त की रात बीयर को लेकर हुए विवाद के बाद मामला अचानक हिंसक हो गया और आरोपियों ने कथित तौर पर उसकी हत्या कर दी।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ ही घटना में इस्तेमाल टांगी और सब्बल बरामद किया है। इसके अलावा एक मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन भी पुलिस के हाथ लगा है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की आगे जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हत्या से जुड़े अन्य पहलुओं या किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा रही है।







