Gold Silver Price Today: अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव का असर अब घरेलू सर्राफा बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। सुरक्षित निवेश के रूप में माने जाने वाले सोना और चांदी के दामों में हाल के दिनों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और अमेरिकी डॉलर की मजबूती को इस गिरावट की बड़ी वजह माना जा रहा है।
दरअसल, वैश्विक बाजार में अस्थिरता बढ़ने के बावजूद सोना-चांदी में हालिया तेजी टिक नहीं पाई। निवेशकों के रुख में बदलाव और डॉलर की मजबूती के कारण इन दोनों कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है। इसका असर देश के कमोडिटी बाजार में भी देखने को मिल रहा है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी के वायदा भाव में सोमवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गई। 5 मई एक्सपायरी वाली चांदी का भाव बीते सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को 2,68,285 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ था, लेकिन सोमवार को बाजार खुलते ही यह गिरकर 2,60,743 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया। यानी एक ही झटके में चांदी करीब 7,542 रुपये प्रति किलो सस्ती हो गई।
अगर चांदी के उच्चतम स्तर से तुलना करें तो इसमें काफी बड़ी गिरावट आ चुकी है। 29 जनवरी को चांदी का भाव 4,20,048 रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। वहां से अब तक चांदी की कीमत में 1,59,305 रुपये प्रति किलो की कमी आ चुकी है।
सोने की कीमतों में भी इसी तरह का दबाव देखने को मिल रहा है। MCX पर 2 अप्रैल एक्सपायरी वाले सोने का भाव शुक्रवार को 1,61,634 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। वहीं सोमवार को बाजार खुलते ही सोना गिरकर 1,59,826 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। इस तरह 24 कैरेट सोना करीब 1,808 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो गया।
अगर सोने के ऑल टाइम हाई की बात करें तो 29 जनवरी को इसका भाव 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया था। उस स्तर से अब तक सोना करीब 33,270 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो चुका है।
दिलचस्प बात यह है कि हाल ही में भू-राजनीतिक तनाव के चलते सोना-चांदी में तेज उछाल भी देखा गया था। 28 फरवरी को अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद 2 मार्च को सोने की कीमतों में करीब 5 प्रतिशत और चांदी में लगभग 9 प्रतिशत की तेजी आई थी। हालांकि यह तेजी ज्यादा समय तक टिक नहीं पाई और उसके बाद दोनों कीमती धातुओं में लगातार गिरावट का दौर शुरू हो गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के कारण निवेशकों का रुख बदल रहा है। यही वजह है कि सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोना और चांदी के दामों में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के आधार पर इनकी कीमतों में और बदलाव देखने को मिल सकता है।








