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अमित नाग बागडेहरी ई-विद्या वाहिनी पोर्टल पर जून माह की उपस्थिति शून्य पाये जाने के आधार पर जिले के 114 सहायक शिक्षक एवं 55 सरकारी शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय में जवाब नहीं देने वाले शिक्षकों के खिलाफ बिना किसी अतिरिक्त अवसर के विभागीय नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी. हालांकि स्पष्टीकरण के लिए जारी सूची में कुंडहित प्रखंड के मृत व सेवानिवृत्त शिक्षकों का नाम शामिल होने से विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं. जानकारी के अनुसार कुंडहित प्रखंड के 14 सरकारी शिक्षकों को स्पष्टीकरण जारी किया गया है. इनमें से पांच शिक्षक पहले ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जबकि एक शिक्षक का निधन हो चुका है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब संबंधित शिक्षक सेवा में ही नहीं हैं तो उनके नाम पर स्पष्टीकरण जारी करने का क्या औचित्य है. स्थानीय स्तर पर इसे विभागीय रिकार्ड अपडेट नहीं होने और लापरवाही का उदाहरण माना जा रहा है. इधर, जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय से 14 जुलाई 2026 को जारी एक और पत्र भी चर्चा में है. इसमें जिले के 32 शिक्षकों को सरप्लस घोषित कर उनका समायोजन विभिन्न ब्लॉकों में कर दिया गया है। वहीं कुंडहित प्रखंड के कई विद्यालय आज भी एकल शिक्षक या प्रतिनियुक्त शिक्षकों के भरोसे चल रहे हैं. सूची में मृतक और सेवानिवृत्त के नाम : मध्य विद्यालय गड़जोड़ी के शिक्षक मदन मोहन भंडारी का मार्च 2026 में निधन हो गया. जबकि मध्य विद्यालय रसूनपुर के शिक्षक निर्मल घोष और आदर्श मध्य विद्यालय कुंडहित के शिक्षक सुब्रत चक्रवर्ती जनवरी 2026 में सेवानिवृत्त हो चुके हैं. 2025. उत्क्रमित मध्य विद्यालय भंगहीड़ के शिक्षक अमर जाना भी करीब सात साल से लापता बताये जा रहे हैं. शिक्षा जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि अगर विभाग शिक्षकों की सेवा से जुड़ी बुनियादी जानकारी भी ठीक से अपडेट नहीं कर पा रहा है तो विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना स्वाभाविक है. एक शिक्षक पर 78 विद्यार्थियों की पढ़ाई की जिम्मेदारी है। उत्क्रमित मध्य विद्यालय श्रीनगरपुर में 78 छात्रों के बीच मात्र एक सहायक शिक्षक कार्यरत हैं. जबकि उत्क्रमित मध्य विद्यालय चरकाडीह में 72 छात्रों की पढ़ाई की जिम्मेदारी मात्र एक सरकारी शिक्षक पर है. ऐसी स्थिति में एक शिक्षक के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ स्कूल के प्रशासनिक कार्यों को संभालना भी चुनौतीपूर्ण रहता है। कुंडहित प्रखंड के कई अन्य विद्यालय भी लंबे समय से प्रतिनियुक्त शिक्षकों के भरोसे चल रहे हैं. इनमें मध्य विद्यालय विक्रमपुर, उत्क्रमित मध्य विद्यालय सतकी, प्राथमिक विद्यालय गयापाथर, प्राथमिक विद्यालय कोरंगापाड़ा व प्राथमिक विद्यालय काठीजुड़िया समेत कई विद्यालय शामिल हैं. एकल शिक्षक वाले स्कूलों में एक ही शिक्षक को पढ़ाई के साथ मध्याह्न भोजन, अभिलेखों का रखरखाव, सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन, विभिन्न पोर्टल पर ऑनलाइन एंट्री और विभागीय बैठकों समेत कई जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं। इसका सीधा असर छात्रों की नियमित पढ़ाई पर पड़ने की आशंका है.
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