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बिहार डबल मर्डर से थर्राया,बक्सर के कुख्यात अपराधी चंदन मिश्रा और जदयू नेता के पिता का मर्डर

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पटना: बिहार में अपराधी बेलगाम हो गये हैं। अपराधियों का मनोबल इस कदर बढ़ गया है कि पैरोल पर अस्पताल में इलाज कर रहे बक्सर के कुख्यात का अपराधी चंदन मिश्रा को मशहूर अस्पताल पारस अस्पताल में घुसकर दनादन गोलियां से भून डाला। इसी बीच खबर आ रही है कि जनता दल यूनाइटेड के युवा नेता के पिता की अपराधियों ने बेरहमी से हत्या की है। पूरा मामला रोहतास जिले के तिलौथू थाना क्षेत्र अमरा गांव का है। यहां गांव में ही स्थित गोशाला में धारदार हथियार से इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया है। मृतक जदयू के प्रखंड अध्यक्ष के पिता बताए जा रहे हैं। हत्या की इस वारदात के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।

इस घटना की सूचना पाकर घटनास्थल पर पुलिस की टीम पहुंच चुकी है और मामले की जांच कर रही है। जानकारी के मुताबिक, हत्या के पीछे आपसी रंजिश या जमीन विवाद की आशंका जताई जा रही है। इस हत्याकांड के बाद से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। बता दें कि जैसे-जैसे बिहार विधानसभा चुनाव का समय नजदीक आ रहा है। वैसे-वैसे बिहार में एक के बाद एक कई अपराध देखने को मिल रहे हैं। अगर बिहार की राजधानी पटना की ही बात करें तो दिनदहाड़ें वहां लोगों की हत्या कर दी जा रही है। पिछले कुछ दिनों में बिहार में कई हत्याकांड के मामले सामने आ चुके हैं।

बता दें कि बीते दिनों बिहार के मशहूर व्यापारी गोपाल खेमका की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद एक दूसरे व्यापारी और फिर एक दुकानदार की हत्या कर दी गई थी। इतना ही नहीं, बीते दिनों पटना वेटनरी कॉलेज में एक छात्र को गाली मारी गई थी। वहीं 17 जुलाई को राजधानी पटना में जेल से अस्पताल लाए गए एक कैदी को अस्पताल में घुसकर बदमाशों ने गोली मार दी। दरअसल शास्त्री नगर थाना क्षेत्र स्थित पारस अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती हुए चंदन मिश्रा नामक कैदी को चार की संख्या में पहुंचे अपराधियों ने अस्पताल के अंदर घुसकर गोली मार दी। कैदी को गोली लगते ही अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई।

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Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।