गढ़वा: जिले से अंधविश्वास से जुड़ा एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। बड़गढ़ थाना क्षेत्र के गड़िया गांव में एक बेटे ने अपने ही वृद्ध पिता की कुल्हाड़ी से बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महज 24 घंटे के भीतर पूरे हत्याकांड का खुलासा कर आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया है।
रात के सन्नाटे में हुआ खून
जानकारी के अनुसार, गड़िया गांव निवासी 65 वर्षीय चंद्रिका राम की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर दी गई थी। शव मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि इस जघन्य वारदात को किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि मृतक के बड़े बेटे नागेंद्र राम ने अंजाम दिया था।
ओझा-गुणी के शक ने ली जान
पुलिस के मुताबिक, आरोपी नागेंद्र राम को अपने पिता पर ओझा-गुणी करने का शक था। चंद्रिका राम पहले झाड़-फूंक और ओझागिरी से जुड़े हुए थे। नागेंद्र का मानना था कि इसी कारण उसके बच्चे बार-बार बीमार पड़ रहे हैं। अंधविश्वास में डूबे नागेंद्र ने इसी शक को सच मान लिया और अपने पिता को ही इसका जिम्मेदार ठहरा दिया।
कुल्हाड़ी से किया हमला
घटना वाली रात जब चंद्रिका राम घर में अकेले सो रहे थे, तभी नागेंद्र ने मौका देखकर घर में रखी कुल्हाड़ी से उन पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
पूछताछ में कबूला जुर्म
हत्या के बाद पुलिस ने तकनीकी और स्थानीय स्तर पर जांच शुरू की। कड़ी पूछताछ के दौरान आरोपी बेटे ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी और खून से सना जैकेट भी बरामद कर लिया है।
आरोपी जेल भेजा गया
पुलिस ने आरोपी नागेंद्र राम को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में गढ़वा जेल भेज दिया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
अंधविश्वास बना जानलेवा
यह घटना एक बार फिर समाज में फैले अंधविश्वास की भयावह सच्चाई को उजागर करती है, जहां झाड़-फूंक और ओझा-गुणी के शक में अपनों की जान तक ले ली जा रही है।












