
काठमांडू: नेपाल में बुधवार को अचानक आई भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। बाढ़ और मलबे की चपेट में आने से मृतकों की संख्या बढ़कर 359 हो गई है, जबकि 1,500 से अधिक लोगों के लापता होने की खबर है। इनमें 288 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। लापता लोगों की तलाश के लिए नेपाल में बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्राकृतिक आपदा में 32 देशों के नागरिकों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। लापता भारतीयों में बड़ी संख्या कैलास-मानसरोवर यात्रा पर गए तीर्थयात्रियों की बताई जा रही है। नेपाल और चीन के अधिकारियों ने स्थिति को बेहद गंभीर बताते हुए आने वाले समय में मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई है।
नेपाल में फंसे और लापता भारतीय नागरिकों को लेकर भारत सरकार भी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने बताया कि नेपाल में 288 भारतीय नागरिकों के लापता होने की जानकारी मिली है। मंत्रालय ने कहा कि वह नेपाली अधिकारियों के लगातार संपर्क में है और प्रभावित भारतीय नागरिकों से जुड़ी जानकारी जुटाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि बाढ़ की शुरुआत चीन की सीमा के नजदीक स्थित रसुवागढ़ी के तिमुरे क्षेत्र से हुई। हिमस्खलन के कारण भोटेकोशी नदी की सहायक नदी ल्हेंदे के बहाव में रुकावट पैदा हुई। इसके बाद पानी का दबाव बढ़ा और अचानक बड़े पैमाने पर पानी और मलबा नीचे की ओर बहने लगा। भोटेकोशी नदी के रास्ते बाढ़ का पानी और भारी मात्रा में मलबा आगे बढ़ते हुए त्रिशूली नदी तक पहुंच गया। इसके बाद हालात तेजी से बिगड़ते चले गए और कई इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया।
प्राकृतिक आपदा का असर नेपाल के कई जिलों में देखने को मिला है। नुवाकोट, चितवन, गोरखा, तनहुं और नवलपरासी ईस्ट समेत कई क्षेत्रों में बाढ़ और मलबे से भारी नुकसान की सूचना है। सबसे ज्यादा शव चितवन और नवलपरासी ईस्ट क्षेत्रों से बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। कई स्थानों पर सड़कें और संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त होने के कारण राहत एवं बचाव दलों को प्रभावित इलाकों तक पहुंचने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
बाढ़ के बाद से ही नेपाल में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। लापता लोगों की तलाश के लिए सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन की टीमें संभावित प्रभावित क्षेत्रों में अभियान चला रही हैं। मलबे में दबे लोगों और बाढ़ के तेज बहाव में बह गए लोगों की तलाश लगातार जारी है।
अधिकारियों को आशंका है कि कई दुर्गम क्षेत्रों में अब भी बड़ी संख्या में लोग फंसे हो सकते हैं। ऐसे में आने वाले घंटों और दिनों में मृतकों तथा लापता लोगों की संख्या में बदलाव हो सकता है।
नेपाल में आई यह बाढ़ हाल के वर्षों की सबसे भीषण प्राकृतिक आपदाओं में से एक मानी जा रही है। अचानक आई बाढ़ ने न केवल स्थानीय आबादी को प्रभावित किया है, बल्कि बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटकों और तीर्थयात्रियों को भी संकट में डाल दिया है।





