
काठमांडू: नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ और उसके बाद हुए विनाश के बीच राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। आपदा के नौ दिन बीत जाने के बावजूद प्रभावित इलाकों से शवों की बरामदगी का सिलसिला थम नहीं रहा है। नेपाल पुलिस के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, बाढ़ और भूस्खलन जैसी घटनाओं में अब तक 1,252 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 4,875 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। वहीं अब तक 11,993 लोगों को बचाया जा चुका है।
नेपाल सेना के नेतृत्व में संयुक्त सुरक्षा और बचाव दल गुरुवार को भी प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक खोज अभियान चला रहे हैं। कई इलाकों में मलबे और बाढ़ के पानी के बीच फंसे लोगों तथा लापता व्यक्तियों की तलाश की जा रही है।
नेपाल पुलिस की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक 355 शव चितवन जिले से बरामद किए गए हैं। इसके बाद नवलपरासी पूर्व से 218 और नवलपरासी पश्चिम से 208 शव मिले हैं। नवलपरासी पश्चिम से बरामद शवों में 18 ऐसे शव भी शामिल हैं, जो भारत में मिले थे और बाद में नेपाल के नवलपरासी पश्चिम जिले को सौंपे गए। इसके अलावा नुवाकोट से 177, रसुवा से 127, गोरखा से 69, धादिंग से 60 और तनहूं से 38 शव बरामद किए गए हैं। राहत दलों के लगातार अभियान के बीच मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
आपदा के बाद से बड़ी संख्या में लोग अपने परिवारों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, करीब 4,875 लोगों के लापता होने का अनुमान है। सुरक्षा बलों और बचाव दल के सामने लापता लोगों को खोजने के साथ-साथ प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने की भी बड़ी चुनौती बनी हुई है।
यह भीषण आपदा 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों के हिमस्खलन के बाद अचानक आई बाढ़ के कारण हुई। अचानक बढ़े जलस्तर और तेज बहाव ने उत्तरी तथा मध्य नेपाल के कई कस्बों और गांवों में भारी तबाही मचा दी। बाढ़ की चपेट में आने से बड़ी संख्या में घर, सड़कें और अन्य बुनियादी ढांचे क्षतिग्रस्त हुए हैं। कई क्षेत्रों में संपर्क मार्ग बाधित होने के कारण राहत और बचाव कार्य भी मुश्किल बना हुआ है।







