
जमशेदपुर। जेएनएसी की अतिक्रमण हटाओ टीम पर कथित हमले और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने से जुड़े वर्ष 2017 के मामले में अदालत ने जनता दल यू के पूर्व नगर अध्यक्ष एवं ट्रांसपोर्टर गुरदीप सिंह पप्पू समेत 14 आरोपियों को बरी कर दिया है। न्यायालय ने यह फैसला अभियोजन पक्ष की ओर से पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए जाने के आधार पर सुनाया।
मामले की सुनवाई न्यायिक दंडाधिकारी जितेंद्र राम की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त ठोस साक्ष्य पेश नहीं कर सका। इसके बाद अदालत ने गुरदीप सिंह पप्पू समेत सभी आरोपियों को मामले से बरी कर दिया।
आरोपियों की ओर से वरीय अधिवक्ता मलकीत सिंह सैनी, मनप्रीत सिंह सैनी समेत अन्य अधिवक्ताओं ने पक्ष रखा।
2017 में दर्ज हुआ था मामला
यह मामला जीआर संख्या 2340/2017 से संबंधित है। जेएनएसी के तत्कालीन नगर प्रबंधक रंजन कुमार पांडे की शिकायत के आधार पर साकची थाना पुलिस ने 22 अगस्त 2017 को प्राथमिकी दर्ज की थी।
शिकायत के अनुसार, जिला प्रशासन के निर्देश पर शहर में अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान पलंग मार्केट के समीप जेएनएसी की टीम के साथ कथित तौर पर विवाद और मारपीट की घटना हुई थी।
शिकायत में भाजपा नेता रॉकी सिंह, सेंट्रल सिख नौजवान सभा के पूर्व प्रधान सतिंदर सिंह रोमी, गुरदीप सिंह पप्पू, गुरप्रीत सिंह, हरजिंदर सिंह रिंकू, ध्रुव मिश्रा, शिवम राव, अजीत सिंह गंभीर, हेमंत साहू, सतीश शर्मा, दशरथ शुक्ला और जुगसलाई निवासी सुखविंदर सिंह साबी समेत अन्य लोगों पर मारपीट करने तथा सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाया गया था।
शिकायतकर्ता के अनुसार, कथित विवाद के दौरान जान बचाने के लिए वह काशीडीह चौक की ओर भागे थे और आरोप लगाया गया था कि संबंधित लोगों ने वहां तक उनका पीछा किया।
हालांकि, मामले की न्यायिक सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष आरोपों के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका। साक्ष्य के अभाव में अदालत ने आरोपियों को बरी कर दिया।






