हजारीबाग: हजारीबाग के बहुचर्चित रूपेश पांडेय हत्याकांड में सीबीआई की रांची स्थित विशेष अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने इस मामले में दोषी पाए गए तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने तीनों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
दोषी करार दिए गए आरोपियों में मोहम्मद असलम अंसारी उर्फ पप्पू मियां, मोहम्मद गुफरान और मोहम्मद कैफ शामिल हैं। सजा के ऐलान के बाद अदालत ने तीनों को न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया।
इससे पहले 2 फरवरी को विशेष अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद तीनों आरोपियों को दोषी ठहराया था। वहीं, इस मामले में नामजद किए गए अन्य दो आरोपी मोहम्मद इरफान और इस्तखार मियां को साक्ष्य के अभाव में अदालत ने बरी कर दिया था।
क्या है पूरा मामला
यह घटना 6 फरवरी 2022 की है। हजारीबाग जिले के बरही थाना क्षेत्र में 17 वर्षीय किशोर रूपेश पांडेय अपने चाचा के साथ सरस्वती पूजा विसर्जन जुलूस देखने गया था। आरोप है कि पूजा स्थल के पास मोहम्मद असलम अंसारी के नेतृत्व में जुटी भीड़ ने रूपेश को घेर लिया और उसके साथ बेरहमी से मारपीट की। इस हिंसक हमले में रूपेश की मौके पर ही मौत हो गई थी।
पूरे झारखंड में फैला था आक्रोश
रूपेश की हत्या के बाद यह मामला पूरे राज्य में चर्चा का विषय बन गया था। घटना से झारखंड के कई जिलों में तनावपूर्ण हालात पैदा हो गए थे और भारी विरोध प्रदर्शन देखने को मिला था। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा था।
CBI जांच के बाद सामने आई सच्चाई
हत्या के बाद बरही थाना में 27 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया था, लेकिन प्रारंभिक जांच में पुलिस ने केवल पांच आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। मामले से असंतुष्ट होकर मृतक की मां ने झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
हाईकोर्ट के आदेश पर इस संवेदनशील मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई, जिसके बाद सीबीआई ने गहन जांच करते हुए साक्ष्य जुटाए। इन्हीं सबूतों के आधार पर विशेष अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।














