जमशेदपुर: बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना की लंबी देरी और वर्षों से अधूरी पड़ी पाइपलाइन व्यवस्था को लेकर शुक्रवार को लोगों का आक्रोश सड़क पर दिखाई दिया। बागबेड़ा महानगर विकास समिति के नेतृत्व में सैकड़ों महिलाओं और स्थानीय नागरिकों ने उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और पेयजल संकट के खिलाफ आवाज बुलंद की।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वर्ष 2015-16 में रामनगर और लकड़िया बागान बस्ती के परिवारों से जल कनेक्शन देने के नाम पर प्रति घर 450 रुपये की राशि ली गई थी। उस समय लोगों को रसीद भी उपलब्ध कराई गई, लेकिन करीब 11 साल गुजर जाने के बाद भी न तो पाइपलाइन बिछाई गई और न ही घरों तक पानी पहुंच सका। ऐसे में क्षेत्र के हजारों लोगों को आज भी पेयजल के लिए भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे बागबेड़ा महानगर विकास समिति के अध्यक्ष सुबोध झा ने कहा कि ग्रामीणों ने सरकार और विभाग पर भरोसा करते हुए शुल्क जमा कराया था, लेकिन वर्षों बाद भी योजना धरातल पर नहीं उतर सकी। उन्होंने कहा कि जल संकट से परेशान लोग अब और इंतजार करने की स्थिति में नहीं हैं।
डीसी कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए जल्द समाधान की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि गर्मी के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है तथा लोगों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त पूर्वी सिंहभूम ने प्रदर्शनकारियों की शिकायतें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल पेयजल एवं स्वच्छता विभाग पहुंचा, जहां विभागीय अधिकारियों के साथ विस्तृत बातचीत हुई।
वार्ता के दौरान विभाग के एसडीओ शिवकुमार दिनकर ने आश्वासन दिया कि जुलाई माह तक फिल्टर प्लांट तक पाइपलाइन बिछाने समेत जरूरी कार्य पूरे कर लिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि 15 अगस्त से पहले एक जलमीनार के माध्यम से लगभग 2000 घरों में जलापूर्ति शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही रामनगर और लकड़िया बागान बस्ती में पाइपलाइन बिछाने का कार्य भी जुलाई के अंतिम सप्ताह तक पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा।
सुबोध झा ने अधिकारियों को सैकड़ों ग्रामीणों के हस्ताक्षरयुक्त मांग पत्र, जल कनेक्शन की रसीदें और अन्य दस्तावेज सौंपते हुए कहा कि यदि तय समयसीमा में जलापूर्ति शुरू नहीं हुई तो क्षेत्रवासी बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और विभाग की होगी।
प्रदर्शन में ये थे मौजूद
इस प्रदर्शन में पवित्रा पांडे, अंजू देवी, मंजू देवी, सरिता सिंह, रजनी तिवारी, कृष्ण सिंह, ललिता देवी, रितु शर्मा, सुमित्रा मिश्रा, पूनम चौधरी, निशि देवी, रिंकू सेन, पिंकू देवी, रीता देवी, शांति देवी, कुसुम सिंह, मीना चौधरी, आशा मिश्रा, अजय कुमार पांडे, बबीता देवी, रुक्मणी सिंह, डीके सिंह, राकेश चौधरी, सविता देवी और आरती कुमारी समेत बड़ी संख्या में महिलाएं और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।









