झारखंड

झारखंड बंद का मिलाजुला असर, जमशेदपुर-रांची एनएच पांच घंटे तक रहा जाम

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खूंटी: आदिवासी नेता और पड़हा राजा सोमा मुंडा की हत्या के विरोध में आदिवासी संगठनों द्वारा शनिवार को बुलाए गए झारखंड बंद का खूंटी, चाईबासा समेत राज्य के कई हिस्सों में व्यापक असर देखने को मिला। बंद समर्थक सुबह से ही सड़कों पर उतर आए और जगह-जगह आवागमन ठप कर दिया। सबसे अधिक असर जमशेदपुर–रांची राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) पर पड़ा, जहां करीब पांच घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा और हजारों वाहन जाम में फंसे रहे।


एनएच पर टोल प्लाजा की घेराबंदी, यात्री हलकान


बंद समर्थकों ने सुबह करीब 11 बजे बुंडू टोल प्लाजा पहुंचकर नारेबाजी शुरू की और सड़क जाम कर दिया। टोल प्लाजा की घेराबंदी के कारण एनएच पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। जाम में फंसे यात्रियों को पानी और भोजन के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, क्योंकि बुंडू नगर पंचायत क्षेत्र की अधिकांश दुकानें बंद रहीं। हालांकि, मानवीय आधार पर एंबुलेंस और सेना के वाहनों को जाने दिया गया।


बस सेवाएं ठप, यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें


खूंटी, चाईबासा, सिमडेगा और गुमला रूट पर बसों का परिचालन पूरी तरह ठप रहा। बस स्टैंड पहुंचे यात्रियों को बंद की जानकारी देर से मिलने के कारण भारी असुविधा हुई। कई यात्रियों को वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ा, जबकि कुछ को यात्रा रद्द करनी पड़ी।


प्रशासन की समझाइश के बाद खुला जाम


स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बुंडू के एसडीएम, डीएसपी, सीओ और स्थानीय थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से लगातार बातचीत करते रहे। कड़ी मशक्कत के बाद दोपहर करीब सवा तीन बजे प्रदर्शनकारी टोल प्लाजा से हटे, जिसके बाद एनएच पर वाहनों की आवाजाही धीरे-धीरे सामान्य हो सकी। हालांकि, पांच घंटे तक चले जाम के कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।


गौरतलब है कि सात जनवरी को खूंटी जिले के जमुवादाग के पास पड़हा राजा सोमा मुंडा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के विरोध में आठ जनवरी को भी खूंटी बंद का आह्वान किया गया था, जिसका व्यापक असर देखा गया था। पुलिस ने इस मामले में अब तक सात लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और हत्या के पीछे जमीन विवाद को कारण बताया है।
वहीं, आदिवासी संगठनों का आरोप है कि अब तक न तो शूटर की गिरफ्तारी हुई है और न ही मुख्य साजिशकर्ता पकड़े गए हैं। संगठनों ने चेतावनी दी है कि जब तक सभी दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।