झारखंड

विधायक सत्येंद्र नाथ ने गढ़वा का एक साल बर्बाद कर दिया : झामुमो

गढ़वा: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने गढ़वा विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्होंने चुनाव जीतने के बाद पूरे एक वर्ष तक गढ़वा विधानसभा की जनता को निराश किया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि विधायक के कार्यकाल के शुरुआती एक साल में गढ़वा में विकास कार्य पूरी तरह ठप रहे, न कोई नई योजना धरातल पर उतरी और न ही जनता को उनके प्रतिनिधि होने का लाभ मिल पाया। झामुमो का आरोप है कि विधायक ने जनता से दूरी बना ली और क्षेत्र की समस्याओं को समझने-सुलझाने की बजाय व्यक्तिगत राजनीतिक स्वार्थ को प्राथमिकता दी है।

झामुमो नेताओं के अनुसार चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे कर विधानसभा पहुंचे विधायक तिवारी ने अपने वादों पर कोई काम नहीं किया। गढ़वा के ग्रामीण इलाकों में सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में यथास्थिति बनी हुई है, लेकिन विधायक की ओर से किसी भी विभाग में सुधार के लिए पहल नहीं की गई। पार्टी का कहना है कि पिछले एक साल में एक भी महत्वपूर्ण विकास योजना न तो स्वीकृत हुई, न शुरू हुई और न ही पुराने चल रहे कार्यों की गति तेज करने का प्रयास दिखा। इससे गढ़वा की जनता गहरे असंतोष में है।

झामुमो ने यह भी आरोप लगाया कि विधायक क्षेत्र से गायब रहते हैं और जनता से मिलने-जुलने से कतराते हैं। पर्व-त्योहार, आपदा या जनसमस्या की किसी भी स्थिति में उनका स्थानीय उपस्थिति न के बराबर रही। पार्टी नेताओं का कहना है कि जनता की समस्याओं को सुनने के लिए न जनसंपर्क कार्यक्रम चलाया गया और न ही किसी पंचायत या प्रखंड स्तर पर निरीक्षण किया गया, जिससे लोगों में यह धारणा बन गई है कि विधायक केवल चुनाव के समय दिखाई देते हैं और फिर क्षेत्र को अपने हाल पर छोड़ देते हैं।

पार्टी ने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि विधायक के प्रतिनिधियों और कुछ नजदीकी लोगों ने गढ़वा के ठेकेदारों और विभागों से कमीशन वसूली का माहौल बना दिया है। आरोप है कि हर विभाग में दलालों का दबदबा बढ़ गया है और छोटे-छोटे कामों के लिए भी आम लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। झामुमो का कहना है कि इस तरह की व्यवस्था ने न केवल विकास की रफ्तार रोकी है बल्कि सरकारी तंत्र को कमजोर और अविश्वसनीय बनाया है।

झामुमो ने कहा कि प्रतिनिधि के भरोसे जिला चलाने की कोशिश लोकतांत्रिक व्यवस्था के साथ मज़ाक है। विधायक को जनता ने अपने बीच रहने और उनकी समस्याओं का समाधान करने के लिए चुना था, न कि गायब रहने और केवल राजनीतिक संदेशवाहकों के सहारे काम करने के लिए। पिछले एक साल में गढ़वा को जिस प्रकार उपेक्षा और अव्यवस्था का शिकार होना पड़ा है, उसकी जिम्मेदारी पूरी तरह विधायक पर है।

पार्टी ने मांग की है कि विधायक को जनता के बीच आकर अपने कार्यों का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करना चाहिए और बताना चाहिए कि उन्होंने एक साल में क्षेत्र के लिए क्या किया। झामुमो ने कहा कि गढ़वा की जनता अब जवाब चाहती है और अगले एक साल में यदि विकास का रास्ता नहीं खुला, तो जनता लोकतांत्रिक तरीके से कड़ा संदेश देगी।

प्रेसवार्ता में जिला अध्यक्ष शंभु राम, सचिव शरीफ अंसारी, कोषाध्यक्ष चंदन जयसवाल, उपाध्यक्ष रोशन पाठक, कार्यकारिणी सदस्य मनोज तिवारी, प्रखंड अध्यक्ष फुजैल अहमद, ज्योतिष धर दुबे आदि उपस्थित थे।

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Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।