
रांची: झारखंड में JPSC और JSSC समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर जारी छात्र आंदोलन शुक्रवार को उस वक्त सुर्खियों में आ गया, जब विधानसभा मार्च के दौरान AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही फेंकने की घटना सामने आई। घटना के बाद मौके पर कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति बन गई। बताया गया कि इस दौरान उनके सामने कुछ लोगों ने ‘जय श्री राम’ के नारे भी लगाए।
घटना के तुरंत बाद पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए मौके से कुछ लोगों को हिरासत में लिया। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि स्याही फेंकने के पीछे किसकी भूमिका थी और घटना की वास्तविक मंशा क्या थी।
14वें दिन भी जारी रहा छात्रों का आंदोलन
JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन शुक्रवार को लगातार 14वें दिन भी जारी रहा। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में बड़ी संख्या में छात्र और अभ्यर्थी धरने पर बैठे हैं। आंदोलन के तहत छह छात्र लगातार भूख हड़ताल पर भी हैं।
प्रदर्शनकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित किए बिना युवाओं के भविष्य के साथ न्याय नहीं हो सकता।
विधानसभा मार्च में जुटे हजारों छात्र
छात्र आंदोलन के समर्थन में AISA समेत कई छात्र संगठनों ने शुक्रवार को विधानसभा मार्च का ऐलान किया था। मानसून सत्र के दौरान निकाले गए इस मार्च में राज्य के अलग-अलग जिलों से पहुंचे बड़ी संख्या में छात्र और युवा शामिल हुए।
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू हुए मार्च में प्रदर्शनकारियों के हाथों में बैनर, पोस्टर और तिरंगा नजर आया। छात्र भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, पेपर लीक पर रोक और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए नारेबाजी कर रहे थे।
मार्च में AISA के अलावा SFI, AISF, RYA और AIYF से जुड़े कार्यकर्ताओं की भी भागीदारी रही।
दिल्ली के बाद झारखंड पहुंचीं AISA अध्यक्ष
AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन का नेतृत्व करने के बाद झारखंड पहुंची थीं। विधानसभा मार्च से पहले उन्होंने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचकर भूख हड़ताल कर रहे छात्रों से मुलाकात की और उनकी मांगों का समर्थन किया।
उन्होंने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया और पारदर्शी एवं निष्पक्ष भर्ती व्यवस्था लागू होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही।
स्याही कांड के बाद सुरक्षा पर उठे सवाल
स्याही फेंके जाने की घटना के बाद प्रदर्शनकारी छात्र संगठनों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए। संगठनों ने इसे आंदोलन को मुद्दे से भटकाने की कोशिश बताया और कहा कि ऐसी घटनाओं से उनका आंदोलन कमजोर नहीं होगा।
वहीं, विधानसभा मार्च को लेकर पुलिस पहले से ही अलर्ट मोड में थी। घटना के बाद मौके पर सुरक्षा और बढ़ा दी गई। हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस घटना के पीछे किसी व्यक्ति या संगठन की सुनियोजित भूमिका तो नहीं थी।
छात्र संगठनों ने स्पष्ट किया है कि स्याही फेंकने की घटना के बावजूद JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की मांग को लेकर उनका आंदोलन जारी रहेगा।




