
रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने JSSC-CGL (विज्ञापन संख्या 10/2023) के जरिए नियुक्त 245 कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। नियुक्तियों को रद्द कर कर्मचारियों को हटाने के राज्य सरकार के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सोमवार को सुनवाई हुई। अदालत ने सरकार के आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी है। कोर्ट ने मामले में राज्य सरकार और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) से 15 सितंबर तक जवाब दाखिल करने को कहा है।
यह याचिका निरोज समेत 245 कर्मियों की ओर से दायर की गई है। याचिकाकर्ताओं ने राज्य सरकार द्वारा JSSC-CGL परीक्षा के आधार पर हुई नियुक्तियों को रद्द करने के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि JSSC-CGL परीक्षा प्रक्रिया के आधार पर नियुक्ति पाने वाले कर्मियों को सरकार के आदेश के बाद हटाने की कार्रवाई की जा रही थी। इसी आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर नियुक्तियां रद्द करने के फैसले पर रोक लगाने की मांग की गई थी।
दरअसल, JSSC-CGL समेत विभिन्न परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर CID जांच के बाद राज्य सरकार ने 18 अगस्त की देर रात बड़ा फैसला लिया था। सरकार ने उन सभी परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा की थी, जिनमें TDPL की भूमिका सामने आई थी।
इसके साथ ही सरकार ने वर्ष 2014 से आयोजित विभिन्न नियुक्ति परीक्षाओं में संभावित अनियमितताओं की भी जांच कराने की घोषणा की थी।
सरकार की घोषणा के बाद कार्मिक विभाग की ओर से संबंधित अधिसूचना जारी की गई। अधिसूचना में 22 परीक्षाओं को रद्द करने, 6 परीक्षाओं की प्रक्रिया स्थगित करने और 17 परीक्षाओं को जांच के दायरे में रखने का उल्लेख किया गया है।
अब JSSC-CGL से नियुक्त 245 कर्मचारियों के मामले में हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश से उन्हें तत्काल राहत मिली है। सरकार और JSSC के जवाब के बाद अदालत इस मामले में आगे की सुनवाई करेगी।





