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लखनऊ: इंडियन ओवरसीज बैंक के 42 लॉकर तोड़कर भाग रहे लुटेरों की पुलिस से मुठभेड़, एक घायल दो गिरफ्तार

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उत्तर प्रदेश : राजधानी लखनऊ में मटियारी पुलिस चौकी से महज 100 मीटर दूर स्थित चिनहट में इंडियन ओवरसीज बैंक में बेखौफ डकैतों ने 90 में से 42 लॉकर तोड़कर शनिवार की रात करोड़ों की चोरी की थी। इस खबर के बाद पुलिस एक्शन में आ गई और चिनहट पुलिस को सूचना मिली कि मल्हौर इलाके में बदमाश हैं। उसके बाद उनकी घेराबंदी की गई।कार सवार बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग की. पुलिस की जवाबी फायरिंग में एक बदमाश अरविंद के पैर में गोली लगी है. अरविंद मूल रूप से बिहार मुंगेर का रहने वाला है. बैंक चोरी से संबंधित कुछ सामान की बरामदगी भी एनकाउंटर में हुई है. साथ ही उसके दो अन्य साथियों की भी गिरफ्तारी की गई है. उनके पास से बिना नंबर की सफेद कर भी बरामद की गई है।

डीसीपी ईस्ट शशांक सिंह ने बताया कि चिनहट पुलिस को इंडियन ओवरसीज बैंक चोरी में शामिल लोगों की सूचना मिली थी. इस सूचना पर चिनहट के मल्हौर इलाके में बदमाशों की घेराबंदी की गई. कार सवार बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग की. पुलिस की जवाबी फायरिंग में एक बदमाश अरविंद के पैर में गोली लगी है. अरविंद मूल रूप से बिहार मुंगेर का रहने वाला है. बैंक चोरी से संबंधित कुछ सामान की बरामदगी भी एनकाउंटर में हुई है.

बता दें कि बदमाशों ने मटियारी पुलिस चौकी से महज 100 मीटर दूर स्थित इंडियन ओवरसीज बैंक में डकैती डाली. बदमाशों ने शनिवार गैस कटर से स्ट्रांग रूम की दीवार काट दी. इसके बाद करीब 42 लॉकर को तोड़कर उसमें रखे करोड़ों के जेवरात पर हाथ साफ़ कर दिया. जानकारी के मुताबिक बदमाश सुबह चार बजे तक बैंक में ही रहे और किसी को भनक नहीं लगी. रविवार को जब लोगों ने बैंक के पीछे की दीवार टूटी देखी तो पुलिस को सूचना दी. जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने बैंक कर्मियों को बुलाया। फिर पता चला कि चरों ने 42 लॉकर्स पर हाथ साफ़ कर दिया है.

गैंग के अन्य साथियों की जानकारी जुटा रही पुलिस

जानकारी के मुताबिक पकड़े गए आरोपियों से पुलिस पूछताछ कर रही है. पुलिस को शक है कि इस डकैती में और लोग शामिल थे. पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी की गिरफ्तारी कर चोरी का माल बरामद किया जाएगा. पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस गैंग में आठ से अधिक लोग शामिल हो सकते हैं.

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Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।