झारखंड वार्ता संवाददाता
गढ़वा: झामुमो के केंद्रीय महासचिव मिथिलेश कुमार ठाकुर ने केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए बजट पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का वादा करने वाली केंद्र सरकार ने इस बजट में खेती, किसान, खाद्य सुरक्षा, मजदूर और सिंचाई जैसे मूलभूत विषयों का जिक्र तक नहीं किया। यह बजट पूरी तरह किसान-विरोधी और जनविरोधी है।
मिथिलेश ठाकुर ने कहा कि सरकार लगातार आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बात करती है, लेकिन युवाओं को AI में प्रशिक्षित करने, खेती में इसके उपयोग और इससे किसानों को होने वाले लाभ को लेकर बजट में कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया है। इससे स्पष्ट है कि सरकार के पास न तो युवाओं के लिए कोई स्पष्ट रोडमैप है और न ही कृषि को आधुनिक बनाने की कोई गंभीर मंशा।
उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्रों के बजट में कटौती की गई है, जिसका सीधा नकारात्मक प्रभाव आम जनता पर पड़ेगा। वहीं पर्यटन और खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए भी बजट में किसी तरह का दूरदर्शी विजन नजर नहीं आता।
झामुमो नेता ने कहा कि यह बजट सिर्फ खानापूर्ति का दस्तावेज बनकर रह गया है। केंद्र सरकार ने इस बजट के जरिए देशवासियों, विशेषकर झारखंड की जनता की उम्मीदों को तोड़ने का काम किया है। उन्होंने कहा कि जनता अब सरकार के वादों और हकीकत के अंतर को समझ चुकी है और आने वाले समय में इसका जवाब देगी।
मिथिलेश ठाकुर ने केंद्रीय बजट को बताया जनविरोधी, किसान और युवाओं की अनदेखी का लगाया आरोप














