---Advertisement---

ईरान में कत्लेआम: प्रदर्शनों में 2000 से ज्यादा लोगों की मौत, 10000 गिरफ्तार

On: January 13, 2026 9:41 PM
---Advertisement---

तेहरान: ईरान में पिछले दो सप्ताह से अधिक समय से जारी देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों ने अब भयावह रूप ले लिया है। पहली बार ईरानी अधिकारियों ने अप्रत्यक्ष रूप से स्वीकार किया है कि इन प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षाकर्मियों सहित करीब 2 हजार लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि, सरकार की ओर से अब तक मृतकों की कोई आधिकारिक संख्या जारी नहीं की गई है।


ईरानी अधिकारियों का दावा है कि प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों की मौतों के पीछे ‘आतंकवादी तत्वों’ की भूमिका रही है। वहीं, ईरानी मीडिया की कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई ने स्वयं प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हथियारों के इस्तेमाल की अनुमति दी है। आरोप है कि सरकार के शीर्ष स्तर पर हुई बैठकों के बाद सुरक्षाबलों को गोली चलाने का आदेश दिया गया।


IRGC और बसीज पर कार्रवाई के आरोप


रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस्लामिक रिवोलूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और बसीज मिलिशिया देश के अलग-अलग हिस्सों में विरोध कर रहे लोगों के खिलाफ घातक कार्रवाई कर रहे हैं। अब तक 10 हजार से अधिक लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है, जिन्हें विभिन्न जेलों में रखा गया है।


संचार सेवाओं पर आंशिक ढील


एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को ईरानी सरकार ने कुछ प्रतिबंधों में ढील दी, जिसके बाद लोग कई दिनों बाद पहली बार मोबाइल फोन से विदेश में कॉल कर सके। हालांकि, इंटरनेट सेवाएं और टेक्स्ट मैसेजिंग अभी भी बंद हैं, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।


1979 की क्रांति के बाद सबसे बड़ी चुनौती


विश्लेषकों का मानना है कि 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद यह मौजूदा शासन के सामने सबसे गंभीर आंतरिक संकट है। ईरानी नेतृत्व ने इस पूरे घटनाक्रम के लिए सीधे तौर पर अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है।


सरकार का आरोप है कि बीते साल हुए अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद से ही ये देश ईरान को अस्थिर करने के उद्देश्य से ‘अज्ञात समूहों’ के जरिए प्रदर्शनों को भड़का रहे हैं।


अमेरिका का समर्थन, ईरान का विरोध


उधर, अमेरिका के राष्ट्रपति ने ईरान में प्रदर्शन कर रहे लोगों से अपना आंदोलन जारी रखने की अपील की है। वहीं, तेहरान प्रशासन इसे विदेशी हस्तक्षेप करार दे रहा है।


आर्थिक बदहाली से शुरू हुआ आंदोलन


रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह विरोध प्रदर्शन खराब आर्थिक हालात, महंगाई और बेरोजगारी के कारण शुरू हुए थे, जो अब राजनीतिक असंतोष में बदल गए हैं। पिछले तीन वर्षों में ईरानी सरकार के सामने यह सबसे बड़ी आंतरिक चुनौती मानी जा रही है।
यह संकट ऐसे समय में सामने आया है जब ईरान पहले से ही अंतरराष्ट्रीय दबाव, प्रतिबंधों और अमेरिका-इजरायल के साथ बढ़ते तनाव का सामना कर रहा है।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

Join WhatsApp

Join Now

और पढ़ें

झारखंड सरकार वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने ‘अबुआ दिशोम’ नाम से 1,58,560 करोड़ का बजट स्व०शिबू सोरेन को किया समर्पित

दुमका: डीआईजी ऑफिस के पास घात लगाए अपराधियों ने अखबार एजेंट अरुण सिंह को मारी गोली,हालत गंभीर, दहशत

यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु की गिरफ्तारी पर आ गया राहुल का बयान, बोले बब्बर शेर,खून में…!

जमशेदपुर: उतरी कीताडीह पंचायत भवन खूंटी टैंकर एसोसिएशन के तत्वाधान में निःशुल्क पुस्तक वितरण

जमशेदपुर:डॉली मल्लिक और मानिक मल्लिक ने मतदाताओं कार्यकर्ताओं के प्रति जताया आभार

AI समिट में शर्टलेस प्रदर्शन मामले में यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु गिरफ्तार, दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त