जमशेदपुर:समाजवादी चिंतक एवं अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू छपरा तरैया निवासी ने बिहार की नीतीश कुमार सरकार पर आरोप लगाया है कि यह रिमोट से संचालित हो रही है। इसका नियंत्रण दिल्ली से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं गृह मंत्री अमित शाह तथा नागपुर से आरएसएस कर रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को आवास खाली करने की नोटिस और नोटिस की भाषा से यह स्पष्ट हो गया है कि बिहार में जो सरकार बनी है, वह सामंतवादी एवं मनुवादी सोच से प्रेरित है।
दिखावे के तौर पर पिछड़ा वर्ग के नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री तथा पिछड़ा वर्ग के सम्राट चौधरी को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है, लेकिन नौकरशाही के माध्यम से पूरा नियंत्रण दिल्ली और नागपुर से किया जा रहा है।
मंडल आयोग लागू होने के बाद जो सामंतवादी और सांप्रदायिक शक्तियाँ बिहार में कमजोर पड़ गई थीं, उन्हें फिर से शक्ति प्रदान करने का काम तथाकथित ‘सामाजिक न्याय’ के नेता—नीतीश कुमार, जीतन राम मांझी, उपेंद्र प्रसाद कुशवाहा और चिराग पासवान—ने किया है। आने वाला इतिहास और वंचित–शोषित वर्ग इन्हें कभी क्षमा नहीं करेगा।
राष्ट्रीय जनता दल, विशेषकर लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव, दलित, महादलित, पिछड़ा, अति पिछड़ा, वंचित–शोषित एवं प्रगतिशील वर्ग के मसीहा हैं, और इसलिए उनके खिलाफ फर्जी मुकदमे खड़े किए जाते हैं, ताकि उनका समय न्यायालयों में बीतता रहे और वे जनता की आवाज न बन सकें।
बीजेपी और नीतीश कुमार जितनी मनमानी करना चाहें कर लें; आने वाला समय और बिहार की जनता उन्हें उचित सबक सिखाएगी।














