पटना: बिहार की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री और जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने रविवार को औपचारिक रूप से राजनीति में कदम रखते हुए जनता दल यूनाइटेड की सदस्यता ग्रहण कर ली। पटना स्थित जेडीयू कार्यालय के कर्पूरी ठाकुर सभागार में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, मंत्री विजेंद्र यादव, विजय चौधरी और सैकड़ों कार्यकर्ताओं के सामने पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता दिलाई।
निशांत कुमार के पार्टी में शामिल होने को बिहार की राजनीति में एक अहम घटनाक्रम माना जा रहा है। खासकर ऐसे समय में जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लगभग दो दशक तक राज्य की सत्ता संभालने के बाद अब राज्यसभा जाने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन भी दाखिल कर दिया है।
राजनीतिक हलकों में इस बात की भी चर्चा तेज है कि अगर नीतीश कुमार राज्यसभा जाते हैं और मुख्यमंत्री पद छोड़ते हैं तो बिहार में सत्ता संतुलन में बदलाव संभव है। ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि मुख्यमंत्री पद भारतीय जनता पार्टी के खाते में जा सकता है। उस स्थिति में निशांत कुमार को राज्य का उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। हालांकि इस संबंध में अभी तक किसी तरह की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने के बाद निशांत कुमार ने अपने पिता के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि वह उनके निर्णय का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि वह पार्टी के एक सक्रिय सदस्य के रूप में संगठन को मजबूत करने का काम करेंगे और नीतीश कुमार द्वारा पिछले 20 वर्षों में किए गए विकास कार्यों को लोगों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाएंगे।
निशांत कुमार ने कहा, ‘मुझे अपने पिता पर गर्व है। उन्होंने बिहार के विकास के लिए लगातार काम किया है। मैं भी उनके पदचिन्हों पर चलते हुए पार्टी और राज्य के लिए काम करूंगा।’
उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व पर भरोसा बनाए रखें और पूरे उत्साह के साथ पार्टी को आगे बढ़ाने में सहयोग करें।














