
बरसात में रास्ता बंद,बढ़ जाती है दो किलोमीटर की दूरी,पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर को सौंपा मांग पत्र,विभागीय पहल का मिला आश्वासन
आकाश लोहार
गढ़वा
किसी भी क्षेत्र का विकास सिर्फ बड़ी बड़ी इमारतों,चौड़ी सड़कों और सरकारी योजनाओं से नहीं मापा जाता,बल्कि विकास की असली पहचान यह है कि वहां रहने वाले आम लोगों की जिंदगी कितनी आसान हुई है,जब एक नदी दो बस्तियों के बीच दूरी बढ़ा दे,बच्चों की राह रोक दे और व्यापारियों की परेशानी बढ़ा दे,तब उस नदी पर एक स्थायी पुल की जरूरत सिर्फ निर्माण की मांग नहीं,बल्कि हजारों लोगों के जीवन को आसान बनाने की पुकार बन जाती है,गढ़वा के टंडवा में दानरो नदी पर स्थायी पुल निर्माण की मांग भी कुछ ऐसी ही जनसमस्या से जुड़ी है,यहां मिनी बाईपास रोड स्थित स्टूडेंट क्लब से माली मोहल्ला टंडवा तक जाने वाले मार्ग पर अस्थायी पीपा पुल की जगह अब एक बड़े और स्थायी पुल के निर्माण की मांग तेज हो गई है,इसी समस्या को गंभीरता से उठाते हुए गढ़वा जिला व्यावसायिक महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री एवं गढ़वा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक मिथिलेश कुमार ठाकुर से मुलाकात की और उन्हें मांग पत्र सौंपकर स्थायी पुल निर्माण की दिशा में पहल करने का आग्रह किया।
बरसात आते ही बढ़ जाती है लोगों की परेशानी :- दानरो नदी पर स्थायी पुल नहीं होने का असर टंडवा के वार्ड संख्या 18,19 और 20 में रहने वाले हजारों नागरिकों पर पड़ता है,स्थानीय लोगों,व्यवसायियों,महिलाओं और स्कूली बच्चों के लिए यह रास्ता काफी महत्वपूर्ण है,लेकिन बरसात के दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ने से अस्थायी रास्ता और पीपा पुल प्रभावित हो जाते हैं,ऐसी स्थिति में लोगों का आवागमन बाधित हो जाता है और उन्हें दूसरे रास्ते से आने जाने के लिए लगभग दो किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है,इसका असर केवल लोगों के आने जाने तक सीमित नहीं रहता,बल्कि बच्चों की पढ़ाई,रोजमर्रा के कामकाज और स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों पर भी पड़ता है,ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर कब तक टंडवा के लोगों को इस परेशानी का सामना करना पड़ेगा,कब इस समस्या का ऐसा समाधान निकलेगा,जिससे बरसात के दिनों में भी लोगों का रास्ता बाधित न हो।
पहले भी हुई थी पहल,लेकिन धरातल पर नहीं उतर सकी योजना :- गढ़वा जिला व्यावसायिक महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर को अवगत कराया कि उनके विधायक एवं मंत्री कार्यकाल के दौरान इस मार्ग पर पीपा पुल निर्माण की योजना को स्वीकृति दिलाने की दिशा में पहल की गई थी,इसके लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) भी तैयार कराया गया था और वह स्वीकृत भी हो गया था,हालांकि,इसी बीच चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो जाने के कारण यह योजना आगे नहीं बढ़ सकी और अब तक धरातल पर नहीं उतर पाई है,महासंघ ने इस पुरानी और महत्वपूर्ण जनहित की योजना को दोबारा प्राथमिकता देने तथा अस्थायी व्यवस्था के स्थान पर स्थायी पुल निर्माण की दिशा में पहल करने का आग्रह किया।
अस्थायी व्यवस्था नहीं,स्थायी समाधान चाहते हैं लोग :- महासंघ का कहना है कि बार बार पीपा पुल की व्यवस्था करने के बजाय दानरो नदी पर एक बड़े और स्थायी पुल का निर्माण कराया जाना अधिक उपयोगी होगा,इससे बरसात के दिनों में भी आवागमन सुचारू बनाए रखने में मदद मिलेगी,साथ ही,विद्यार्थियों,महिलाओं,व्यापारियों और आम नागरिकों को लंबे समय तक इसका लाभ मिल सकेगा,स्थायी पुल बनने से टंडवा क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और आर्थिक एवं सामाजिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा,यह निर्माण केवल एक रास्ते को जोड़ने तक सीमित नहीं रहेगा,बल्कि क्षेत्र के हजारों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
संबंधित विभाग के माध्यम से कार्रवाई की मांग ;- गढ़वा जिला व्यावसायिक महासंघ ने पूर्व मंत्री से आग्रह किया कि इस जनहित की योजना को आगे बढ़ाने के लिए नगर परिषद,सिंचाई विभाग अथवा पथ निर्माण विभाग में से उपयुक्त विभाग के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई कराई जाए,महासंघ की मांग है कि विभागीय स्तर पर पहल कर वर्षों से चली आ रही इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए,ताकि स्थानीय लोगों को हर साल होने वाली परेशानियों से राहत मिल सके।
मिथिलेश कुमार ठाकुर ने दिया हरसंभव प्रयास का आश्वासन ‘- मांग पत्र प्राप्त करने के बाद पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि टंडवा में पीपा पुल की जगह स्थायी पुल के निर्माण के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा,उन्होंने इस संबंध में झारखंड सरकार को विभागीय पत्र लिखने और आवश्यक पहल करने का भरोसा दिलाया,इस अवसर पर गढ़वा जिला व्यावसायिक महासंघ के अध्यक्ष संतोष केसरी,उपाध्यक्ष भुवनेश्वर सोनी,महामंत्री अरविंद गुप्ता (मंटू),टंडवा निवासी अंजनी सोनी और निक्की केसरी उपस्थित थे।
यह मांग किसी एक व्यक्ति की नहीं,पूरे क्षेत्र की जरूरत है :- महासंघ ने स्पष्ट किया कि दानरो नदी पर स्थायी पुल निर्माण की मांग किसी व्यक्ति या संस्था के निजी हित से जुड़ी नहीं है,बल्कि यह टंडवा सहित गढ़वा के आम नागरिकों,व्यवसायियों और विद्यार्थियों की सुविधा एवं सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण जनहित का विषय है,अब स्थानीय लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मांग पत्र सौंपे जाने और विभागीय पहल के आश्वासन के बाद यह योजना आगे कब बढ़ती है,यदि इस दिशा में ठोस कार्रवाई होती है,तो वर्षों से परेशानी झेल रहे हजारों लोगों को राहत मिलने की उम्मीद जगेगी,क्योंकि पुल सिर्फ नदी के दो किनारों को नहीं जोड़ता,वह लोगों की उम्मीदों,बच्चों के भविष्य,कारोबार की रफ्तार और पूरे क्षेत्र के विकास को भी जोड़ता है,टंडवा के लोग भी अब ऐसी ही एक स्थायी उम्मीद के धरातल पर उतरने का इंतजार कर रहे हैं।




