जमशेदपुर:फिर से एक बार पूर्वी सिंहभूम जिले के ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। इस उमस भरी भीषण गर्मी में जनता त्रस्त है। पिछले तकरीबन 10 दिनों से बिजली व्यवस्था इस कदर ध्वस्त हो गई है कि जनता त्रस्त है। लोगों को ना घर में चैन है ना बाहर चैन है लोग बेचैन है। ऐसे में लोग बिजली व्यवस्था के नाम पर जो मेंटेनेंस के लिए करोड़ों रुपए खर्च किए गए थे उस पर सवाल उठा रहे हैं।
जिले के परसुडीह बागबेड़ा सुंदर नगर जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले तकरीबन 10 दिनों से बिजली की आंख-मिचौली जारी है। 10- 15 मिनट से आधा घंटा रहती है और फिर छूमंतर हो जाती है।
कब बिजली आएगी कब चली जाएगी इसका कोई ठिकाना नहीं है। दिन रात दिन रात के हालात वैसे ही हैं। पिछले दिनों भारतीय जनता पार्टी के द्वारा और कुछ दलों के द्वारा इसके खिलाफ आवाज उठाई गई थी तो कुछ दिन व्यवस्था ठीक देखी फिर से वही हालत है।
कभी-कभी तो घंटो पावर गुल हो जाती है। रात में भी पावर का आना-जाना लगा रहता है।
इधर दूसरी ओर सूत्रों का कहना है कि पावर कट के चलते परसुडीह जैसे ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति भी पेयजल स्वच्छता विभाग के द्वारा प्रभावित हो रही है। उसका भी कोई टाइम टेबल नहीं है कभी आता है कभी नहीं आता है। देखिए आज तकरीबन 10:15 बज गए हैं लेकिन अभी तक पानी का आता पता नहीं है। जब कि अमूमन 8:00 से 9:00 के आसपास आ जाती है। कुल मिलाकर कहा जाए तो बिजली और पानी और ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों की जो दुर्दशा है उसे जनता त्रस्त है। नेता अफसर मंत्री जनप्रतिनिधि मस्त हैं।









