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श्री बंशीधर नगर में नर्स की लापरवाही से नवजात शिशु की मौत,प्रसव के दौरान इलाज में लापरवाही का आरोप

On: June 28, 2026 8:35 PM
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झारखंड वार्ता संवाददाता

श्री बंशीधर नगर (गढ़वा)। अनुमंडलीय अस्पताल श्री बंशीधर नगर में प्रसव के दौरान कथित चिकित्सीय लापरवाही का मामला सामने आया है। खरौंधी थाना क्षेत्र के राजी चौरा गांव निवासी एक महिला द्वारा मृत नवजात को जन्म देने के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन एवं ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्यकर्मियों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की। घटना के बाद कुछ देर तक अस्पताल परिसर में तनाव का माहौल बना रहा।

जानकारी के अनुसार, राजी चौरा गांव निवासी नमू पासवान ने बताया कि उनकी 20 वर्षीय पत्नी नेहा कुमारी को शनिवार की रात करीब नौ बजे प्रसव पीड़ा होने पर अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनका आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद नर्सों ने जांच के बाद प्रसव में अभी समय होने की बात कहते हुए महिला को टहलने की सलाह दी और सुबह चार से पांच बजे के बीच प्रसव होने की संभावना जताई।

परिजनों का आरोप है कि पूरी रात प्रसूता प्रसव पीड़ा से तड़पती रही, लेकिन उसकी स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया गया। उनका कहना है कि तबीयत बिगड़ने के बावजूद न तो विशेषज्ञ चिकित्सक को बुलाया गया और न ही समय रहते किसी उच्च चिकित्सा केंद्र के लिए रेफर किया गया। रविवार सुबह प्रसव के दौरान महिला ने मृत नवजात को जन्म दिया, जिसके बाद परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा।

नमू पासवान ने कहा कि यदि समय रहते उचित उपचार मिलता अथवा बेहतर चिकित्सा सुविधा वाले अस्पताल में रेफर कर दिया जाता, तो संभव है कि नवजात की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने कहा, मेरी पत्नी पूरी रात दर्द से तड़पती रही, लेकिन किसी ने गंभीरता से इलाज नहीं किया। अस्पताल की लापरवाही ने एक मासूम की जान ले ली। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार के साथ ऐसी घटना न हो।

घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल परिसर में लोगों की भीड़ जुट गई। परिजनों ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रसूता महिलाओं के इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती।

वहीं, इस संबंध में अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. सुचित्रा कुमारी से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। अस्पताल प्रशासन की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई।

Shubham Jaiswal

“मैं शुभम जायसवाल, बीते आठ वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने विभिन्न प्रतिष्ठित अखबारों और समाचार चैनलों में प्रतिनिधि के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले पाँच वर्षों से मैं साप्ताहिक अखबार ‘झारखंड वार्ता’ से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ। पत्रकारिता मेरे लिए केवल पेशा नहीं बल्कि समाज और जनता के प्रति एक जिम्मेदारी है, जहाँ मेरी कलम हमेशा सच और न्याय के पक्ष में चलती है।

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