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35 दिन में ही डबल सिलेंडर की बुकिंग वाली खबर झूठी,पेट्रोलियम मंत्रालय बोला!

On: March 25, 2026 4:06 PM
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एजेंसी: अमेरिका इजरायल ईरान और मिडिल ईस्ट जंग के बीच दुनिया के कई देश पेट्रोल डीजल गैस की किल्लत झेल रहे हैं इसी बीच कई भ्रामक खबरें भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इसी कड़ी में सोशल मीडिया और मीडिया पर एक खबर तेजी से वायरल हो रही है जिसमें कहा जा रहा है कि गैस सिलेंडर की बुकिंग के नियम फिर से बदल दिए गए हैं. कहा जा रहा था कि डबल सिलेंडर वाले उपभोक्ता 35 दिन में ही बुकिंग कर पाएंगे, जबकि सिंगल सिलेंडर वालों के लिए 25 दिन और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए 45 दिन का नियम लागू होगा. इन खबरों से लोगों में भ्रम की स्थिति बन गई थी. हालांकि, अब सरकार ने इन सभी खबरों पर साफ-साफ स्पष्टीकरण दे दिया है.
Press Information Bureau (पीआईबी) ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए बताया कि एलपीजी बुकिंग के नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

सरकार के अनुसार, फिलहाल पहले से लागू नियम ही जारी रहेंगे. शहरी इलाकों में उपभोक्ताओं के लिए 25 दिन का गैप लागू रहेगा. यानी एक बार सिलेंडर लेने के बाद अगली बुकिंग 25 दिन बाद ही की जा सकती है. वहीं, ग्रामीण इलाकों के लिए यह अवधि 45 दिन तय की गई है. गांवों में कनेक्शन का प्रकार (सिंगल या डबल सिलेंडर) मायने नहीं रखता, सभी के लिए 45 दिन का नियम समान रूप से लागू रहेगा.
पीआईबी ने यह भी स्पष्ट किया कि डबल सिलेंडर या उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए अलग-अलग नए नियम लागू होने की खबरें पूरी तरह गलत हैं. इस तरह की सूचनाएं केवल अफवाह हैं और आमजन इन पर भरोसा नहीं करें.

सरकार ने लोगों से खास अपील की है कि वे घबराकर गैस सिलेंडर की बुकिंग न करें. पैनिक बुकिंग से सप्लाई चेन पर अनावश्यक दबाव बढ़ सकता है. अधिकारियों का कहना है कि देश में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और किसी भी तरह की कमी की स्थिति नहीं है.
इसलिए आम नागरिकों के लिए जरूरी है कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें और अफवाहों से दूर रहें. सही जानकारी के लिए पीआईबी जैसे विश्वसनीय स्रोतों को फॉलो करना ही सबसे बेहतर तरीका है.

Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।

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