जमशेदपुर

बस्तियों और अंधेरी गलियों में अपराध पर नकेल कसने की तैयारी,लगेंगे 3000 सीसीटीवी कैमरे,पुलिस..!

जमशेदपुर: बस्तियों और अंधेरी गलियों में अपराध को अंजाम देकर दहशत फैलाने वालों की खैर नहीं। पुलिस इन पर पैनी नजर रखने के लिए पूरे शहर के ऐसे क्षेत्रों में तकरीबन 3000 कैमरे लगाने की पुरजोर तैयारी में जुट गई है। बाजारों में भी ऐसे कैमरे लगाने की योजना है। इसके लिए निजी संस्थाओं व्यापारिक संस्थाओं और समाजसेवी संगठनों से पुलिस संपर्क साध रही है। पुलिस की मदद करने वाले लोगों को सम्मानित भी करने की योजना है।

गौरतलब हो कि शहर के पॉश इलाकों में पहले ही कैमरे लगे हुए हैं अब ग्रामीण इलाकों बस्तियों में भी अपराधियों पर नजर रखने के लिए और नकेल कसने के लिए कैमरे लगाए जाने की तैयारी चल रही है।

पुलिस को इन कैमरों के माध्यम से छोटी घटनाओं सही जानकारी मिलने में सुविधा रहेगी। जिला पुलिस का लक्ष्य है कि करीब 3000 कैमरे लोगों के व्यक्तिगत प्रयास से लगाए जाएंगे. इससे किसी भी बड़ी घटना के बाद अपराधियों के मूवमेंट की सही जानकारी भी मिल सकेगी। देश के बड़े महानगरों की तर्ज पर शहर में भी ऐसा अभियान चलाने की योजना है। उन व्यक्तियों को सम्मानित भी किया जाएगा जो व्यक्तिगत तौर पर अपने घर में पुलिस की मदद के लिए सीसीटीवी कैमरे लगवाएंगे।

सीसीआर डीएसपी अनिमेष गुप्ता का कहना है कि पुलिस विभिन्न इलाकों में सीसीटीवी लगाने की तैयारी कर रही है।इसमें स्वयंसेवी संगठनों से मदद ली जाएगी।गली-मोहल्लों में भी लगे कैमरे से पुलिस सहयोग लेगी।पुलिस संस्थाओं से आग्रह कर रही है कि वह भी गली मोहल्लों में कैमरे लगवाए।विशेष रूप से अपार्टमेंट में रहने वाले लोग कैमरे लगाए, ताकि सुरक्षित रहें और पुलिस को मदद मिल सके।

वर्तमान में शहरी क्षेत्रों में तकरीबन 170 कैमरे लगे हुए हैं और उनसे ही शहर की गतिविधियों की निगरानी रखने में पुलिस को मदद मिल रही है। अपराधियों की धरपकड़ में भी सहूलियत हो रही है। इसी तर्ज पर गली मोहल्लों और बाजारों में कैमरे लग जाने से इन क्षेत्रों में भी अपराधों पर अंकुश लगाने में पुलिस को काफी सफलता मिलने की संभावना जताई जा रही है।

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Satyam Jaiswal

सत्यम जायसवाल एक भारतीय पत्रकार हैं, जो झारखंड राज्य के रांची शहर में स्थित "झारखंड वार्ता" नामक मीडिया कंपनी के मालिक हैं। उनके पास प्रबंधन, सार्वजनिक बोलचाल, और कंटेंट क्रिएशन में लगभक एक दशक का अनुभव है। उन्होंने एपीजे इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से शिक्षा प्राप्त की है और विभिन्न कंपनियों के लिए वीडियो प्रोड्यूसर, एडिटर, और डायरेक्टर के रूप में कार्य किया है। जिसके बाद उन्होंने झारखंड वार्ता की शुरुआत की थी। "झारखंड वार्ता" झारखंड राज्य से संबंधित समाचार और जानकारी प्रदान करती है, जो राज्य के नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण है।