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प्रयागराज: मौनी अमावस्या पर बवाल, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने स्नान से किया इनकार; शिष्यों से मारपीट

On: January 18, 2026 7:09 PM
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प्रयागराज: प्रयागराज में माघ मेले के दौरान मौनी अमावस्या के पावन स्नान पर रविवार को संगम तट पर उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और प्रशासन के बीच विवाद खड़ा हो गया। इस घटना के बाद शंकराचार्य ने संगम में स्नान करने से इनकार कर दिया और अपने शिष्यों के साथ मारपीट व बदसलूकी के गंभीर आरोप लगाए।


शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का कहना है कि जब वे संगम तट पर स्नान के लिए पहुंचे, तो पुलिस ने उनके शिष्यों के साथ धक्का-मुक्की की और उन्हें आगे बढ़ने से रोका गया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने जानबूझकर उन्हें स्नान नहीं करने दिया, जिससे आहत होकर उन्होंने बिना स्नान किए ही लौटने का निर्णय लिया।

वहीं, प्रशासन की ओर से इस पूरे मामले पर अलग पक्ष सामने आया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मौनी अमावस्या के कारण संगम तट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी हुई थी। सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण को देखते हुए प्रशासन ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से रथ से उतरकर पैदल तट तक जाने का आग्रह किया था। बताया गया कि यह निर्णय किसी विशेष व्यक्ति को रोकने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था के तहत लिया गया था।


प्रशासन का कहना है कि आग्रह के बावजूद शंकराचार्य के समर्थक और अनुयायी आगे बढ़ने लगे, जिससे पुलिस के साथ धक्का-मुक्की और हल्की झड़प की स्थिति उत्पन्न हो गई। हालात बिगड़ते देख वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया। इस दौरान एडीजी जोन अजय पाल शर्मा स्वयं घटनास्थल पर मौजूद रहे और शंकराचार्य को समझाने-बुझाने की कोशिश की।


इसके बावजूद शंकराचार्य रथ से ही संगम तट तक जाने की जिद पर अड़े रहे। प्रशासन द्वारा सुरक्षा कारणों से अनुमति न मिलने पर उन्होंने स्नान न करने का निर्णय लिया और यह कहते हुए वापस लौट गए कि जब उन्हें सम्मानपूर्वक स्नान करने नहीं दिया गया, तो वे वहां रुकने का कोई औचित्य नहीं समझते।


घटना के बाद माघ मेले की व्यवस्थाओं और प्रशासनिक समन्वय को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि प्रशासन का दावा है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार का निर्णय केवल भीड़ नियंत्रण को ध्यान में रखकर लिया गया।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

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