July 26, 2026

पूर्वी सिंहभूम:जसकनडीह में पुलिस और भू-माफियाओं का आदिवासी जमीन पर दबाव,ग्राम सभा ने मुख्यमंत्री से लगाई न्याय की गुहार

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जसकनडीह ग्राम सभा के द्वारा अंचल कार्यालय जमशेदपुर में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन
जमशेदपुर:पूर्वी सिंहभूम जिले के परसुडीह थाना अंतर्गत अधिसूचित ग्राम सभा जसकनडीह ने झारखंड के माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन के नाम पर अंचल अधिकारी जमशेदपुर के द्वारा एक ज्ञापन हातु मुंडा जगन्नाथ मुंडा के नेतृत्व में सौंपा गया है पुलिसकर्मियों और भू-माफियाओं की मिलीभगत से आदिवासी जमीनों पर हो रहे अवैध कब्जे और धमकी का मामला उठाया है।

ग्राम सभा के हातु मुंडा श्री जगन्नाथ देवगम ने बताया कि दिनांक 13/07/2026 को शाम 4 बजे परसुडीह थाना के दो पुलिसकर्मी मुकेश दुबे एवं राजेश प्रसाद ग्राम जसकनडीह पहुंचे। उन्होंने खाता नं. 85, प्लॉट नं. 16, रैयत नंदलाल भूमिज की जमीन के संबंध में ग्रामीणों को गाली-गलौज की, जान से मारने और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। साथ ही ग्राम सभा द्वारा विवादित जमीन पर लगाए गए बोर्ड को हटाने का दबाव बनाया।

ग्राम सभा का कहना है कि उक्त जमीन 1932 के सर्वे सेटलमेंट में मुकुंद भूमिज के नाम दर्ज है और 1964 में महावीर प्रसाद का नाम दर्ज है। इस जमीन को लेकर विवाद चल रहा है और ग्राम सभा ने प्रस्ताव पारित कर रखा है कि विवाद के समाधान तक इस पर कोई निर्माण नहीं होगा। बावजूद इसके बाहरी तत्वों द्वारा जमीन पर कब्जे का प्रयास किया जा रहा है।

हातु मुंडा ने आरोप लगाया कि पिछले एक महीने से मोबाइल नंबर 6203190766 से उन्हें थाना आने का दबाव बनाया जा रहा है। ग्राम सभा ने स्पष्ट किया है कि जमीन संबंधी कोई भी विवाद ग्राम सभा में ही सुलझाया जाएगा, थाना में नहीं। जब तक सीओ जमशेदपुर का संकल्प ग्राम सभा को नहीं सौंपा जाता, तब तक जमीन की जांच नहीं की जाएगी।

झारखंड आंदोलनकारी श्री डेमका सोय ने धरना मे संबंधित करते हुए कहा कि परसुडीह थाना के पुलिस कर्मियों के द्वारा ग्राम प्रधान को धमकी देने के मामले को लेकर अगर कार्रवाई नहीं हुई तो और भी
उग्र आंदोलन किया जाएगा पुलिस किसके अनुमति से बिना वर्दी के ही जाकर गांव में लगाएं गये बोर्ड को हटाने को कह रहे हैं एवं धमकी दे रहे हैं ऐसे दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई होनी चाहिए अन्यथा उग्र आंदोलन किया जाएगा।
वहीं आरटीआई एक्टिविस्ट सह आजसू जिला सचिव श्री कृतिवास मंडल ने धरना को संबोधित करते हुए कहा कि वर्दी की आड़ में आदिवासीयों को डराने-धमकाने की प्रयास नहीं किया जाय और उपरोक्त मामले को उच्च स्तरीय जांच करवाया जाएगा और दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई किया जाय ।

ग्राम सभा ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि:
1. जिले के शहरी और ग्रामीण अंचलों में ग्राम सभा के संवैधानिक अधिकारों में पुलिस का हस्तक्षेप रोका जाए।
2. भू-माफियाओं के साथ मिलीभगत कर CNT एक्ट का उल्लंघन करने वाले पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई हो।
3. आदिवासी जमीन और रैयतों को न्याय दिलाने के लिए पेसा कानून 1996 एवं पेसा नियमावली 2026 को धरातल पर सख्ती से लागू किया जाए।
4. आदिवासी अस्मिता और अस्तित्व की रक्षा की जाए।

इस पत्र की प्रतिलिपि भू-राजस्व मंत्री श्री दिक्पक बिरुवा, अपर सचिव भू-राजस्व एवं आयुक्त कोल्हान को भी भेजी गई है।
धरना प्रदर्शन में मुख्य रूप से सुनिता कुकंल मोना देवगम मजूमदार हेंब्रम सुनील देवगम रामचंद्र सिंह जगदीश भूमिज सोनु भूमिज राजू भूमिज अभि भूमिज संगिता भूमिज लखविंदर कुंकल वृहस्पति सरदार खुदीराम हासदा सोमवारी भूमिज जानकी भूमिज एवं अन्य दर्जनों महिला पुरूष मौजूद थे

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