जमशेदपुर में गौ सम्मान अभियान को लेकर बढ़ा जनसमर्थन,कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा जारी
जमशेदपुर;गौ संरक्षण, गौ संवर्धन एवं गौ सम्मान के उद्देश्य से चलाए जा रहे गौ सम्मान अभियान को सफल बनाने के लिए जमशेदपुर में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। समाज के विभिन्न वर्गों, धार्मिक संगठनों, सामाजिक संस्थाओं एवं आम नागरिकों का अभियान को लगातार समर्थन मिल रहा है। इसी क्रम में गायत्री शक्तिपीठ, गोलपहाड़ी, टाटानगर में एक भव्य प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया, जिसमें अभियान के आगामी कार्यक्रमों, जनसंपर्क अभियान तथा व्यापक जनभागीदारी को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में गायत्री शक्तिपीठ के मुख्य ट्रस्टी श्री के. प्रभाकर राव, विश्व हिंदू परिषद के मंत्री श्री अरुण सिंह, गौ सम्मान अभियान जमशेदपुर के संरक्षक श्री सुरेश लाल, अभियान की सक्रिय सहयोगी मुनमुन चक्रवर्ती सहित अनेक सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं गौ सम्मान अभियान के झारखंड प्रभारी राधा वत्स ने अभियान के उद्देश्य और आगामी योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि गौ सम्मान भारतीय संस्कृति, सेवा और करुणा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह अभियान किसी एक संगठन का नहीं, बल्कि पूरे समाज का अभियान है। इसके माध्यम से लोगों में गौ संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण तथा भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि अभियान के अंतर्गत जनजागरण, हस्ताक्षर अभियान, सामाजिक संवाद, जनसंपर्क कार्यक्रम तथा विभिन्न समुदायों के बीच जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोग इस मुहिम से जुड़ सकें। अभियान का उद्देश्य समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाना और गौ सम्मान के प्रति जनचेतना विकसित करना है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वक्ताओं ने कहा कि किसी भी सामाजिक अभियान की सफलता जनसहभागिता पर निर्भर करती है। इसलिए समाज के प्रत्येक वर्ग, युवा, महिलाओं, बुद्धिजीवियों एवं सामाजिक संगठनों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की गई।
अंत में आयोजकों ने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे गौ सम्मान अभियान से जुड़कर इसे जनआंदोलन का स्वरूप दें तथा गौ संरक्षण एवं भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के संवर्धन में अपना योगदान सुनिश्चित करें। प्रेस कॉन्फ्रेंस का समापन अभियान की आगामी रणनीति एवं कार्यक्रमों की रूपरेखा पर विस्तृत विचार-विमर्श के साथ हुआ।
