राहुल गांधी इडियट वाले बयान पर निशिकांत दुबे: बीजेपी के गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने सदन में अपनी बात रखते हुए कहा- ‘राहुल गांधी आप खुद को इडियट नहीं कह सकते.’ जानिए निशिकांत दुबे और राहुल गांधी ने क्या कहा है.
निशिकांत दुबे आगे राहुल गांधी मूर्खतापूर्ण कथन: बुधवार को लोकसभा में लोक परीक्षा संशोधन विधेयक 2026 पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बेवकूफ और अंधभक्त जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया. राहुल गांधी द्वारा इन शब्दों के इस्तेमाल पर बीजेपी ने कड़ा विरोध जताया. इसके बाद सदन में जमकर हंगामा हुआ. बीजेपी के गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने सदन में अपनी बात रखते हुए कहा- ‘राहुल गांधी आप खुद को बेवकूफ नहीं कह सकते.’ जानिए उन्होंने ऐसा क्यों कहा. इसके साथ ही जानिए निशिकांत दुबे और राहुल गांधी ने क्या कहा है.
निशिकांत दुबे ने ऐसा क्यों कहा?
सबसे पहले बात करते हैं निशिकांत दुबे की. सदन में बोलते हुए उन्होंने कहा- ‘यह सदन नियम-कानून से चलता है. नियम 117 और 132 कहते हैं कि कोई भी सांसद सिर्फ बिल पर ही बोलेगा. राहुल गांधी खुद को बेवकूफ भी नहीं कह सकते. उन्होंने छात्रों को बेवकूफ कहा है. इसके बाद सदन की कार्यवाही कुछ देर के लिए स्थगित कर दी गई.
निशिकांत दुबे ने एक्स पर लिखा…
सदन से बाहर निकलने के बाद निशिकांत दुबे ने ट्विटर पर ट्वीट करते हुए लिखा- लोकसभा के नियम, प्रक्रिया और परंपरा के मुताबिक राहुल गांधी जी खुद को इडियट नहीं कह सकते. आज लोकसभा में उन्होंने सभी छात्रों को बेवकूफ कहा. इन बयानों पर सदन में जमकर हंगामा हुआ. अब जानिए नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने क्या कहा था, जिसका बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं ने विरोध किया.
आखिर राहुल गांधी ने क्या कहा?
दरअसल, राहुल गांधी ने बिल पर चर्चा में भाग लेते हुए पहले कहा था- हाल ही में उन्होंने कुछ छात्रों से बात की थी. इनमें एक 18 साल का छात्र भी शामिल था. लगातार प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाओं से युवाओं में गहरी निराशा है. बातचीत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि छात्र ने लोगों की तीन श्रेणियां बताईं- पहला सामान्य छात्र, दूसरा बेवकूफ और तीसरा अंधभक्त. बेवकूफ और अंधभक्त जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर बीजेपी सांसदों ने जमकर विरोध किया और मामला इतना बिगड़ गया कि लोकसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी.
चेयरमैन ओम बिरला ने कहा, मैं ये शब्द हटा दूंगा
हंगामे के बीच स्पीकर ओम बिरला ने कहा, “नेता प्रतिपक्ष के पद की अपनी गरिमा होती है और उन्हें उसी के अनुरूप शब्दों का चयन करना चाहिए. सदन में असंसदीय शब्दों का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए. मैं संबंधित शब्द को कार्यवाही से हटा दूंगा लेकिन नेता प्रतिपक्ष को बिल पर ही बोलना चाहिए.”
राष्ट्रपति के सवाल पर राहुल ने क्या दिया जवाब?
इस पर राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने किसी व्यक्ति का नाम नहीं लिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी वह सदन में बोलते हैं तो सत्ता पक्ष की ओर से व्यवधान उत्पन्न किया जाता है. संसदीय कार्य मंत्री बार-बार उठने लगते हैं. उन्होंने कहा, ”अगर आप चाहते हैं कि देश में सिर्फ बीजेपी की बात हो तो मैं चुपचाप बैठ जाऊंगा.”


