
मिथिलेश ठाकुर ने दी श्रद्धांजलि
आकाश लोहार
गढ़वा
गढ़वा जिले के रंका से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसमें एक ओर झारखंड आंदोलन के संघर्ष, त्याग और बलिदान की यादें हैं, तो दूसरी ओर दिवंगत रूपी सोरेन के प्रति सम्मान और श्रद्धा का भाव। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन की धर्मपत्नी और वर्तमान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता रूपी सोरेन के निधन से झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेताओं और कार्यकर्ताओं में शोक की लहर है। उनके निधन पर रंका प्रखंड मुख्यालय स्थित महिमा मैरिज हॉल में झारखंड मुक्ति मोर्चा के तत्वावधान में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
सभा में उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। साथ ही शोकाकुल परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की। इस मौके पर पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने रूपी सोरेन के योगदान को याद करते हुए कहा कि झारखंड आंदोलन की इतिहास गाथा में उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन के साथ-साथ रूपी सोरेन ने भी झारखंड आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। जब झारखंड अलग राज्य की मांग को लेकर संघर्ष चल रहा था, तब परिस्थितियां आसान नहीं थीं। आंदोलन के दौरान शिबू सोरेन जंगलों में भटकते थे, तो रूपी सोरेन उनके लिए भोजन लेकर जाती थीं और हर मुश्किल परिस्थिति में उनका हौसला बढ़ाती थीं।
मिथिलेश ठाकुर ने कहा कि रूपी सोरेन ने एक ओर परिवार की जिम्मेदारियां संभालीं, तो दूसरी ओर आंदोलन के संघर्ष में अपने पति का साथ दिया। विषम परिस्थितियों में भी उनका धैर्य और समर्पण बना रहा। वे हमेशा कहती थीं कि पूरा झारखंड ही उनका परिवार है। उनके त्याग, समर्पण और बलिदान को झामुमो कार्यकर्ता जन-जन तक पहुंचाने का काम करेंगे।
वहीं, श्रद्धांजलि सभा के दौरान मिथिलेश ठाकुर ने गढ़वा विधायक पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि रूपी सोरेन जब आईसीयू में जीवन और मौत से जूझ रही थीं, उस समय गढ़वा विधायक की ओर से दिया गया बयान बेहद आपत्तिजनक था। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान से गढ़वा की जनता की भावनाएं आहत हुई हैं और जिले की छवि को ठेस पहुंची है।
मिथिलेश ठाकुर ने कहा कि जनता ने जनप्रतिनिधियों को अपने अधिकारों की आवाज उठाने और क्षेत्र के विकास के लिए चुना है। ऐसे में जनप्रतिनिधियों को अपने शब्दों और व्यवहार की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने ईश्वर से विधायक को सद्बुद्धि देने और जनता के हित में काम करने की प्रार्थना की।
इस श्रद्धांजलि सभा में झामुमो केंद्रीय समिति सदस्य जवाहर पासवान, तनवीर आलम, मीडिया पैनलिस्ट धीरज दुबे, नितेश सिंह, राजकिशोर यादव, बनारसी सिंह, आशीष गुप्ता, परसु ठाकुर, रतन सिंह, छोटू सिंह, सतीश पांडेय, दीपक सोनी, पप्पू यादव, संजय सिंह छोटू, मालती देवी, बैजनाथ गौतम, रंथा नायक, दिलीप गुप्ता, राहुल कुशवाहा और विवेक सिंह सहित बड़ी संख्या में झामुमो नेता, कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
रूपी सोरेन का जीवन इस बात की याद दिलाता है कि किसी भी बड़े आंदोलन की सफलता के पीछे केवल मैदान में संघर्ष करने वाले चेहरे ही नहीं, बल्कि पर्दे के पीछे त्याग, धैर्य और समर्पण के साथ खड़े रहने वाले लोगों का भी महत्वपूर्ण योगदान होता है।
रंका में आयोजित श्रद्धांजलि सभा के माध्यम से झामुमो नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को याद किया।




