शुभम जायसवाल (झारखंड वार्ता)
श्री बंशीधर नगर (गढ़वा): गढ़वा जिले के श्री बंशीधर नगर में साईबर फ्रॉड का एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मंगलवार को इस मामले का खुलासा उस समय हुआ, जब केनरा बैंक के एकाउंटेंट विकास प्रसाद एवं बैंक कर्मी सुमित कुमार ब्लॉक मोड़ स्थित दिलीप पासवान के आवास पर पहुंचे और उनकी पत्नी सुनीता देवी से संपर्क किया।
बैंक कर्मियों ने बताया कि बीते 15 दिनों से सुनीता देवी को लगातार बैंक बुलाया जा रहा था, लेकिन डर और आशंका के कारण वह बैंक नहीं पहुंच सकीं। इसके बाद बैंक की टीम स्वयं उनके घर पहुंची और खाते की जांच की, जिसमें साईबर फ्रॉड की पूरी साजिश सामने आई।
जांच में पाया गया कि सुनीता देवी के नाम से खोले गए बैंक खाते की पूरी जानकारी, एटीएम कार्ड और अन्य विवरण किसी अज्ञात व्यक्ति को दे दिए गए थे। उसी व्यक्ति द्वारा खाते का इस्तेमाल साईबर फ्रॉड के लिए किया जा रहा था। एकाउंटेंट विकास प्रसाद के अनुसार, अगस्त से दिसंबर 2025 के बीच खाते में लगभग 1 लाख 30 हजार रुपये जमा किए गए थे, जिनमें से 1 लाख 28 हजार रुपये की निकासी कर ली गई।
हैरान करने वाली बात यह रही कि खाता सक्रिय बनाए रखने और संदेह से बचने के लिए हर 15 दिन में 200 से 400 रुपये खाते में छोड़ दिए जाते थे।
सुनीता देवी ने बताया कि जंगीपुर निवासी रवि प्रसाद नामक व्यक्ति ने उनका खाता खुलवाया था। उसी के कहने पर खाते से मोबाइल नंबर बदलवाया गया और एटीएम कार्ड भी उसी व्यक्ति के पास ही रहा। उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि उनके खाते का दुरुपयोग किया जा रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए केनरा बैंक ने संबंधित खाते को तत्काल होल्ड पर रख दिया है और उसे बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बैंक अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की सूचना संबंधित विभागों को दी जा रही है।
इस घटना के बाद बैंक अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि वे कभी भी अपना खाता नंबर, एटीएम कार्ड, पिन या ओटीपी किसी को न दें। थोड़ी-सी लापरवाही से बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता है। श्री बंशीधर नगर में सामने आए इस साईबर फ्रॉड के मामले ने एक बार फिर डिजिटल सुरक्षा और जागरूकता की गंभीर आवश्यकता को उजागर कर दिया है।














