---Advertisement---

लाल ग्रह से आई खुशखबरी: मंगल पर मिले जीवन के संकेत! नासा के रोवर ने खोजी रहस्यमयी चट्टानें

On: September 16, 2025 4:22 PM
---Advertisement---

NASA’s Perseverance Rover Discovers Ancient Microbial Evidence in Jezero Crater Rock Sample: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का रोवर पर्सिवरेंस (Perseverance) मंगल ग्रह पर लगातार रोमांचक खोज कर रहा है। अब इस रोवर ने एक ऐसी खोज की है जिसने वैज्ञानिकों की उम्मीदों को नई उड़ान दे दी है। मंगल की एक पुरानी सूखी नदी घाटी में इसे चट्टानें मिली हैं, जिनमें ऐसे संकेत छिपे हैं जो अरबों साल पहले वहां जीवन की संभावना की ओर इशारा करते हैं।

कहां मिली ये चट्टानें?

पर्सिवरेंस साल 2021 से मंगल के उत्तरी हिस्से में स्थित Jezero Crater की खोजबीन कर रहा है। यह इलाका कभी विशाल झील हुआ करता था, जिसमें नदियों का पानी भरता था। जुलाई 2024 में रोवर ने Sapphire Canyon नामक सैंपल इकट्ठा किया। यह नमूना Cheyava Falls नाम की चट्टान से लिया गया था, जो Bright Angel formation का हिस्सा है। यह जगह प्राचीन नदी घाटी Neretva Vallis के किनारे पर मौजूद है।

चट्टान की खासियत

यह पत्थर लाल-भूरे रंग का है और इसकी सतह पर चीते जैसी गोल-गोल धब्बेदार आकृतियां बनी हुई हैं। कुछ निशान खसखस के दानों जैसे भी दिखाई देते हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार, यह पैटर्न तब बने होंगे जब पत्थर झील के तल में जम रहा था और वहां रासायनिक प्रतिक्रियाएं हो रही थीं।

मिले खास खनिज और तत्व

चट्टान में दो महत्वपूर्ण खनिज मिले हैं –

Vivianite (आयरन और फॉस्फोरस वाला)

Greigite (आयरन और सल्फर वाला)


रिसर्च टीम के प्रमुख वैज्ञानिक जोएल ह्यूरोविट्ज़ (Joel Hurowitz) बताते हैं कि ये खनिज मिट्टी और ऑर्गेनिक मैटर के बीच रिएक्शन से बने होंगे। धरती पर इस तरह की प्रतिक्रियाएं अक्सर सूक्ष्मजीव (Microbes) कराते हैं, जब वे ऑर्गेनिक मैटर को तोड़ते हैं।

इसके अलावा पत्थर में ऑर्गेनिक कार्बन, सल्फर, फॉस्फोरस और ऑक्सीडाइज्ड आयरन भी मिले हैं। यही वे तत्व हैं जिनसे माइक्रोबियल जीवन को ऊर्जा मिल सकती थी।

अभी शुरुआती संकेत, जीवन का सबूत नहीं

ध्यान देने वाली बात यह है कि पर्सिवरेंस सीधे जीवन का पता लगाने में सक्षम नहीं है। इसके पास लगी ड्रिल की मदद से यह केवल मिट्टी और चट्टानों के छोटे-छोटे टुकड़े निकालकर सुरक्षित रखता है। भविष्य में इन्हें पृथ्वी पर लाकर ही गहन जांच संभव होगी।

नमूनों को धरती तक लाने की चुनौती

मूल योजना के तहत इन नमूनों को विशेष मिशन के जरिए धरती पर लाना था। लेकिन फिलहाल यह योजना अटक गई है। नासा अब ऐसे विकल्पों पर काम कर रहा है जो तेज़ और कम खर्चीले हों। ऐसे में यह कहना अभी मुश्किल है कि ये नमूने कब तक पृथ्वी की प्रयोगशालाओं तक पहुंचेंगे।

क्यों अहम है यह खोज?

मंगल पर सूखी नदियों और झीलों के अवशेष पहले ही यह संकेत दे चुके हैं कि वहां कभी पानी मौजूद था। और जहां पानी होता है, वहां जीवन की संभावना भी रहती है। पर्सिवरेंस द्वारा मिली नई चट्टानें इस संभावना को और मजबूत करती हैं और वैज्ञानिकों की जिज्ञासा को नई दिशा देती हैं।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

Join WhatsApp

Join Now

और पढ़ें