झारखंड

निलंबित IAS पूजा सिंघल को मिली जमानत, मनरेगा घोटाले में 28 महीने से जेल में थीं बंद

रांची: मनरेगा घोटाला में 28 महीने से जेल में बंद झारखंड की निलंबित IAS पूजा सिंघल को बड़ी राहत मिली है। उनकी ओर से दायर जमानत याचिका पर शनिवार को PMLA (प्रीवेन्शन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) की विशेष कोर्ट ने दो लाख रुपए के निजी मुचलके पर उन्हें जमानत दे दी। इसके अलावा उन्हें अपना पासपोर्ट कोर्ट में जमा करना होगा।

जानकारी के मुताबिक पूजा सिंघल को नए कानून का लाभ मिला है। अधिवक्ता से मिली जानकारी के अनुसार बीएनएस की धारा 479 के तहत अगर कोई आरोपी किसी मामले में लंबे समय से जेल में बंद है और उसकी न्यायिक हिरासत की अवधि उस मामले में दी जाने वाली सजा की एक तिहाई है तो उसे बेल दी जा सकती है।

पूजा सिंघल पर आरोप है कि जब वह (फरवरी 2009-जुलाई 2010 तक) खूंटी में डीसी थीं तो उन्होंने बिना काम हुए मनरेगा का 18 करोड़ रुपए इंजीनियर को जारी कर दिया था। ED ने 2011 में इस मामले में पहली एफआईआर दो इंजीनियरों के खिलाफ दर्ज की थी, इसी जांच में पूजा का नाम सामने आया था। ED ने 6 मई 2022 को पूजा सिंघल के 20 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की थी। इसमें उनके CA के घर से 19.31 करोड़ रुपए कैश बरामद किए गए थे। पैसे की बरामदगी के बाद जांच एजेंसी ने पहले पूजा सिंघल के पति अभिषेक झा और बाद में पूजा सिंघल से पूछताछ की थी।

पूछताछ में पहले दोनों ने पैसे को लेकर कोई पुख्ता जानकारी नहीं दी। बाद में ED ने अपनी पड़ताल में पैसा सिंघल का होने का दावा किया और उनको अरेस्ट कर लिया। गिरफ्तारी के बाद सरकार ने पूजा सिंघल को निलंबित कर दिया था।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

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