नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते हुए विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। इस दौरान विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी की और बाद में सदन से वॉकआउट कर दिया। पीएम मोदी ने कांग्रेस समेत विपक्षी दलों पर नफरत की राजनीति करने और सार्वजनिक जीवन का स्तर गिराने का आरोप लगाया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जो लोग खुद को ‘मोहब्बत की दुकान’ चलाने वाला बताते हैं, वही लोग संसद के बाहर और भीतर ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी जैसे नारे लगवा रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या लोकतंत्र और संविधान ऐसी भाषा सिखाता है।
सत्ता हमारे लिए सुख नहीं, सेवा का माध्यम है – पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि सत्ता उनके लिए भोग का साधन नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम है। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा, ‘इनकी सरकार रिमोट से चलती थी, मेरी सरकार भी रिमोट से चलती है, लेकिन मेरे 140 करोड़ देशवासी वह रिमोट चलाते हैं।‘
उन्होंने कहा कि कुछ दलों को लगता है कि प्रधानमंत्री का पद उनके परिवार की जागीर है और कोई और उस पर कैसे बैठ सकता है। इसी कुंठा से कब्र खोदने जैसे नारे लगाए जा रहे हैं।
कांग्रेस पर भ्रष्टाचार और परिवारवाद का आरोप
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके और लेफ्ट दलों का नाम लेते हुए कहा कि ये दशकों तक सत्ता में रहे, लेकिन जनता के जीवन में बदलाव उनकी प्राथमिकता नहीं थी। इनकी पहचान सिर्फ अपनी जेब भरने तक सीमित रही। नागरिकों का जीवन बदलना इनकी प्राथमिकता कभी नहीं रहा।
पीएम मोदी ने तीखा तंज कसते हुए कहा, ‘जिनका चोरी करना पुस्तैनी धंधा रहा, उन्होंने महात्मा गांधी का सरनेम भी चुरा लिया।‘
राष्ट्रीय सुरक्षा और बड़े फैसलों पर विपक्ष की बेचैनी
प्रधानमंत्री ने कहा कि विपक्ष की नफरत की जड़ देशहित में लिए गए बड़े फैसले हैं। उन्होंने कहा, धारा 370 हटाने से उन्हें परेशानी हुई, उत्तर-पूर्व में शांति और विकास से परेशानी हुई, आतंकियों को घर में घुसकर जवाब देने से परेशानी हुई, माओवादी हिंसा के खिलाफ कार्रवाई से परेशानी हुई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
सिख, आदिवासी और किसानों के मुद्दे पर कांग्रेस पर वार
पीएम मोदी ने कांग्रेस पर सिख समाज के अपमान का आरोप लगाते हुए कहा कि सिख सांसद को गद्दार कहना कांग्रेस की मानसिकता को दिखाता है। उन्होंने किसानों का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस ने छोटे किसानों को कभी गंभीरता से नहीं लिया, जबकि उनकी सरकार ने पीएम किसान सम्मान निधि जैसी योजना शुरू की। देश में 10 करोड़ से ज्यादा छोटे किसान हैं। उनके दर्द को हमने समझा, इसलिए ये योजना लाई।
लटकाना-अटकाना-भटकाना कांग्रेस की कार्यशैली
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस की कार्यशैली को लटकाना, अटकाना और भटकाना करार दिया। उन्होंने सरदार पटेल द्वारा परिकल्पित नर्मदा परियोजना का उदाहरण देते हुए कहा कि दशकों तक कांग्रेस सिर्फ शिलान्यास करती रही, उद्घाटन करने का अवसर उनकी सरकार को मिला।
वैश्विक मंच पर भारत की मजबूत स्थिति
पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत नीति और नीयत के आधार पर आगे बढ़ रहा है, इसलिए पूरी दुनिया भारत पर भरोसा कर रही है। उन्होंने कहा, भारत ग्लोबल साउथ की मजबूत आवाज बना, अमेरिका और यूरोपीय संघ के साथ ट्रेड डील हुई, दुनिया भारत के युवा टैलेंट को अवसर दे रही है। जहां पहले डील की बात आती थी तो बोफोर्स याद आता था, आज गर्व से भारत की डील की चर्चा होती है।
युवा भारत और विकसित भारत का विजन
प्रधानमंत्री ने कहा कि जहां दुनिया के कई देश बूढ़ी आबादी की समस्या से जूझ रहे हैं, वहीं भारत युवा होता जा रहा है।
उन्होंने 21वीं सदी के दूसरे क्वार्टर को विकसित भारत के लिए निर्णायक बताया। अब न रुकना है, न पीछे देखना है। लक्ष्य हासिल करके ही आगे बढ़ना है।
विपक्ष पर अंतिम कटाक्ष
अपने भाषण के अंत में पीएम मोदी ने विपक्ष की नारेबाजी पर तंज कसते हुए सभापति से कहा, खरगे जी की उम्र को देखते हुए उन्हें बैठकर नारे लगाने की अनुमति दे दी जाए, ताकि उन्हें कष्ट न हो।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बुधवार को लोकसभा में भाषण देना था, लेकिन भारी हंगामे के चलते उनका भाषण टाल दिया गया। इस बीच विपक्षी सांसदों द्वारा प्रधानमंत्री पर शारीरिक हमले की साजिश की बात भी सामने आई थी।











