
रांची: झारखंड में दूसरे राज्यों से लघु खनिजों की ढुलाई करने वाले वाहनों के लिए जल्द ही नई व्यवस्था लागू होने जा रही है। खान एवं भूतत्व विभाग इंटर स्टेट ट्रांजिट पास (ISTP) व्यवस्था लागू करने की तैयारी में है। इसके तहत झारखंड में प्रवेश करने से पहले दूसरे राज्यों से बालू, गिट्टी और बोल्डर जैसे लघु खनिज लेकर आने वाले वाहनों को ऑनलाइन ट्रांजिट पास लेना अनिवार्य होगा। इस व्यवस्था के लागू होने से अंतरराज्यीय खनिज परिवहन की निगरानी के साथ-साथ राज्य सरकार के राजस्व में भी बढ़ोतरी की उम्मीद है।
विभाग की ओर से ISTP व्यवस्था का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। प्रस्ताव को जल्द ही मंत्रिपरिषद की मंजूरी के लिए भेजे जाने की तैयारी है। स्वीकृति मिलने के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत इसे लागू किया जाएगा।
नई व्यवस्था के तहत दूसरे राज्य से खनिज लेकर झारखंड आने वाले वाहनों के लिए ISTP पोर्टल विकसित किया जाएगा। वाहन मालिकों को पहले पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण के बाद उन्हें यूनिक लॉग-इन आईडी और पासवर्ड उपलब्ध कराया जाएगा।
दूसरे राज्य की खनन साइट से खनिज का चालान जारी होने के बाद वाहन मालिक को छह घंटे के भीतर ISTP जेनरेट करना होगा। इसके बाद ही वाहन को झारखंड की सीमा में प्रवेश की अनुमति मिलेगी।
प्रस्तावित नियमों में समय-सीमा और दस्तावेजों को लेकर सख्ती का प्रावधान है। यदि चालान जारी होने के छह घंटे के भीतर ISTP नहीं बनाया गया या खनिज लदा कोई वाहन बिना वैध ट्रांजिट पास के झारखंड में प्रवेश करता पाया गया, तो उसे अवैध खनिज परिवहन माना जाएगा। ऐसे वाहनों को मौके पर ही जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
ISTP के तहत निर्धारित शुल्क का भुगतान भी ऑनलाइन माध्यम से करना होगा। शुल्क का भुगतान किए बिना वाहन को झारखंड में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। यानी खनिज लदे वाहनों के लिए पास और ऑनलाइन शुल्क भुगतान दोनों अनिवार्य होंगे।
खान एवं भूतत्व विभाग के मुताबिक, वर्तमान व्यवस्था में दूसरे राज्यों से झारखंड आने वाले खनिजों की मात्रा, प्रकार और परिवहन की प्रभावी निगरानी में कई स्तर पर चुनौतियां हैं। इसी कमी को दूर करने के लिए ISTP व्यवस्था प्रस्तावित की गई है।
नई ऑनलाइन प्रणाली के जरिए यह रिकॉर्ड रखा जा सकेगा कि किस राज्य से, किस खनन क्षेत्र से, किस वाहन के माध्यम से और कितनी मात्रा में खनिज झारखंड लाया जा रहा है। इससे खनिज परिवहन को डिजिटल तरीके से ट्रैक करने में मदद मिलेगी। विभाग को उम्मीद है कि ISTP लागू होने के बाद अवैध खनिज परिवहन पर नियंत्रण, एक ही चालान के आधार पर बार-बार ढुलाई की संभावना में कमी और राजस्व संग्रह में बढ़ोतरी होगी।




