बालू माफियाओं पर भड़के ग्रामीण: पुलिस की मिलीभगत से चल रहा मौत का खेल
प्रत्येक बालू गाड़ी से पैसे वसूली करती है पुलिस : ग्रामीण
धुरकी (गढ़वा)। जिले के श्री बंशीधर नगर अनुमंडल के धुरकी थाना क्षेत्र के बरसोती गांव के समीप बीती रात हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। इस भीषण दुर्घटना में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने सड़क जाम कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर हंगामा किया।
जानकारी के अनुसार, भंडार गांव निवासी विजय लोहरा और कृष्णा कोरवा एक साथ बाइक पर सवार होकर धुरकी की ओर जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आने से हादसा हो गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि विजय लोहरा ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि कृष्णा कोरवा गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को आनन-फानन में अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।

घटना की खबर फैलते ही आसपास के गांवों से सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। गुस्साए लोगों ने सड़क पर शव रखकर जाम कर दिया, जिससे आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।
ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि क्षेत्र में अवैध बालू लदे वाहनों का परिचालन खुलेआम हो रहा है, जिसे पुलिस की शह प्राप्त है। लोगों का कहना है कि रात के अंधेरे में तेज रफ्तार वाहनों को बिना किसी रोक-टोक के चलने दिया जाता है, जिससे आए दिन हादसे हो रहे हैं।

ग्रामीणों का गुस्सा इस कदर था कि उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “अगर पुलिस समय रहते कार्रवाई करती, तो आज एक युवक की जान नहीं जाती। पुलिस की लापरवाही और अवैध वसूली ने एक परिवार को उजाड़ दिया है।”
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने घटनास्थल पर एसपी और डीएसपी को बुलाने की मांग की। साथ ही दोषी पुलिसकर्मियों और वाहन चालकों पर सख्त कार्रवाई, मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा और घायल के बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

इधर, मौके पर पहुंची पुलिस स्थिति को नियंत्रित करने में जुटी रही और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास करती रही, लेकिन लोग अपनी मांगों पर अड़े रहे। खबर लिखे जाने तक इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।
यह घटना एक बार फिर पुलिस प्रशासन की कार्यशैली, सड़क सुरक्षा व्यवस्था और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसे हादसे आगे भी होते रहेंगे।













