
रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रांतीय कार्यालय में मंगलवार को राज्य भर के सिख समाज के प्रतिनिधियों और पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष ज्योति सिंह माथारू के नेतृत्व में आयोजित इस बैठक में प्रदेश भर से पहुंचे लगभग 500 सिख प्रतिनिधियों, प्रबुद्ध जनों एवं गुरुद्वारा प्रबंधकों ने अपनी समस्याओं और हक-अधिकारों पर विस्तार से चर्चा की तथा ज्योति सिंह माथारू को आयोग का अध्यक्ष बनाने के लिए पुरजोर आवाज बुलंद की।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय उपस्थित रहे। बैठक की शुरुआत में आयोजक व अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष ज्योति सिंह माथारू ने अतिथियों का बुके भेंट कर और माला पहनाकर भव्य स्वागत किया।
बच्चों की शिक्षा और आत्मनिर्भरता पर दें जोर: केशव महतो कमलेश
बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष ज्योति सिंह माथारू के कार्यों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि श्री माथारू अल्पसंख्यकों, विशेषकर सिख समाज की समस्याओं को लेकर हमेशा गंभीर और संवेदनशील रहते हैं। समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं और राहत को पहुंचाना उनकी प्राथमिकता में शामिल है।
केशव महतो कमलेश ने शिक्षा के महत्व पर विशेष बल देते हुए कहा कि सिख समाज अपने बच्चों को बेहतर से बेहतर शिक्षा दिलाए, ताकि वे समाज और राज्य का नाम रोशन कर सकें। उन्होंने कहा, “सिख समाज एक ऐसा स्वाभिमानी समाज है जो अपने पुरुषार्थ और बलबूते पर खड़ा है,इसे किसी औपचारिक परिचय की जरूरत नहीं है।” उन्होंने आश्वस्त किया कि सिख समाज की मांगों और समस्याओं को वह राज्य सरकार के समक्ष मजबूती से रखेंगे और उनका त्वरित समाधान कराने का पूरा प्रयास करेंगे।
कांग्रेस के सच्चे और समर्पित सिपाही हैं माथारू: सुबोध कांत सहाय
पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय ने कहा कि ज्योति सिंह माथारू लगातार राज्य के विभिन्न जिलों का दौरा कर अल्पसंख्यकों की समस्याओं का निपटारा कर रहे हैं। वे कांग्रेस पार्टी के पुराने, निष्ठावान और सच्चे सिपाही हैं, जो हर परिस्थिति में जनता के बीच खड़े रहते हैं।
सिख प्रतिनिधियों एवं प्रमुख वक्ताओं के संबोधन
गुरमुखी अकादमी और भाषा दर्जे की मांग:
झारखंड गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सरदार शैलेंद्र सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि हमेशा से सिखों की यह प्रमुख मांग रही है कि जैसे अन्य भाषाओं को दर्जा मिला है, उसी तर्ज पर गुरमुखी को भी द्वितीय भाषा का दर्जा मिले और झारखंड में ‘गुरमुखी अकादमी’ की स्थापना जरूर की जाए। उन्होंने कहा कि ज्योति सिंह माथारू को आयोग का अध्यक्ष (चेयरमैन) बनाने से सिख समाज का यह सपना पूरा हो सकता है।
कांग्रेस के प्रति बढ़ा विश्वास:
सीजीपीसी (CGPC) के पूर्व प्रधान गुरमुख सिंह मुखे ने कहा कि 1984 के बाद सिख समाज का विश्वास कांग्रेस से उठ चुका था। परंतु ज्योति सिंह माथारू को अल्पसंख्यक आयोग का उपाध्यक्ष बनाए जाने के बाद अब सिखों का झुकाव पुनः कांग्रेस के प्रति बढ़ने लगा है। यदि कांग्रेस माथारू को चेयरमैन बनाकर समाज की मांग पूरी करती है, तो इससे हमारे समाज के कई अधूरे कार्य पूरे होंगे।
एससी (SC) वर्ग के अधिकारों और जाति प्रमाण पत्र का मुद्दा:
सीजीपीसी के पूर्व सचिव जसबीर सिंह पदरी (पधरी) ने कहा कि सरकार ने ओबीसी (OBC) का सर्वे कराया, लेकिन एससी (SC) वर्ग के लोगों का सर्वे नहीं कराया गया, जिससे एससी समाज में काफी रोष है। उन्होंने मांग की कि अन्य राज्यों की तर्ज पर झारखंड में भी एससी समाज को पूरा अधिकार मिलना चाहिए और उनके जाति प्रमाण पत्र निर्गत किए जाने चाहिए। उन्होंने भरोसा जताया कि ज्योति सिंह माथारू के चेयरमैन बनने से ये मांगें भी पूरी होंगी।
शायराना अंदाज में स्वागत:
कांग्रेस नेता गुरदीप सिंह काका ने अपनी ओजस्वी शायरी से प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश का स्वागत किया, जिसे सिख समाज ने काफी सराहा। गुरदीप सिंह ने कहा कि ज्योति सिंह माथारू ने अपने कार्यकाल में बहुत ही उम्दा काम किया है और यदि उन्हें चेयरमैन बनाया जाता है, तो सिख समाज के लिए इससे बड़ा तोहफा और कुछ नहीं हो सकता।
हर कुर्बानी देने को तैयार, 24 घंटे सेवा में तत्पर: ज्योति सिंह माथारू
अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष ज्योति सिंह माथारू ने अतिथियों एवं प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे अल्पसंख्यकों के हक, अधिकार और सम्मान की लड़ाई के लिए हर स्तर पर संघर्ष करने और कुर्बानी देने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि समाज के लोगों की सेवा के लिए उनके दरवाजे 24 घंटे खुले हैं।
ज्योति सिंह माथारू को अल्पसंख्यक आयोग का अध्यक्ष बनाने की उठी मांग
बैठक के दौरान पूरे झारखंड से आए लगभग 500 सिख प्रतिनिधियों और गुरुद्वारा प्रबंधकों ने सर्वसम्मति से ज्योति सिंह माथारू को झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग का अध्यक्ष (चेयरमैन) बनाने की पुरजोर मांग उठाई। वक्ताओं ने कहा कि उनके कुशल नेतृत्व में अल्पसंख्यक समाज स्वयं को सुरक्षित और सशक्त महसूस कर रहा है।
ये गणमान्य लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब के पूर्व महासचिव शैलेंद्र सिंह, साकची गुरुद्वारा के प्रधान निशांत सिंह, गुरमुख सिंह मुखी, राजेंद्र सिंह चहल, अकाली दल के प्रधान रविंद्र सिंह, आनंद सलूजा, डी.एस. नरुला, हरपाल सिंह हीरे, सतपाल सिंह, हरचरण सिंह सिद्धू, बेरमो से गुरमीत सिंह, परमजीत सिंह सेठी, परमजीत सिंह, ट्विंडर सिंह, हरजीत सिंह, परमजीत सिंह चन्ना, रिंकू सिंह, तारा सिंह, हरमीत सिंह, हरभजन सिंह, जसपाल सिंह पधरी, प्रताप सिंह, कुशल सलूजा, रोमन सिंह, संदीप सिंह, राजवंत सिंह मारवाह, गुरदीप सिंह काका, कुलदीप सिंह, दलबीर सिंह पदरी, तुइलाडुंगरी कमेटी के राजा सिंह और भगत सिंह सहित झारखंड के विभिन्न जिलों के गुरुद्वारा प्रबंध समितियों के अध्यक्ष, सचिव और लगभग 500 की संख्या में सिख समाज के लोग उपस्थित थे।





