
रमना (गढ़वा): रमना थाना क्षेत्र के बहियार खुर्द मोड़ के समीप रविवार अहले सुबह दुर्घटनाग्रस्त हुई स्कॉर्पियो से अंतरराज्यीय शराब तस्करी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस ने वाहन की जांच के दौरान सीटों के नीचे बनाए गए विशेष गुप्त तहखाने से उत्तर प्रदेश निर्मित 810 पैकेट फ्रूटी शराब बरामद की है। बरामद शराब की मात्रा 145.8 लीटर बताई गई है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 1.05 लाख रुपये है। पुलिस ने वाहन चालक को गिरफ्तार कर लिया है।

मंगलवार को रमना थाना परिसर में आयोजित प्रेसवार्ता में पुलिस इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार आजाद एवं थाना प्रभारी आकाश कुमार ने बताया कि एनएच-39 पर बहियार खुर्द मोड़ के समीप रविवार अहले सुबह एक स्कॉर्पियो (BR05PA 6347) भैंस से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। दुर्घटना के बाद पुलिस ने वाहन की जांच शुरू की। कागजात, रजिस्ट्रेशन नंबर तथा चेसिस और इंजन नंबर में अंतर मिलने पर पुलिस को वाहन पर संदेह हुआ।
सीट के नीचे बनाया था गुप्त तहखाना
संदेह के आधार पर थाना प्रभारी आकाश कुमार एवं एसआई जयप्रकाश गुप्ता ने स्कॉर्पियो की गहन तलाशी ली। तलाशी के दौरान सीटों के नीचे विशेष रूप से मॉडिफाइड चेंबर मिला, जिसे शराब छिपाकर ले जाने के लिए गुप्त तहखाने के रूप में बनाया गया था।
पुलिस के अनुसार, तहखाने से उत्तर प्रदेश के ‘नॉट फॉर सेल’ लोगो वाले शराब पैकेट बरामद हुए। इनमें सोनभद्र निर्मित 180 एमएल के ऑरेंज फ्लावर पाउच शामिल हैं। कुल 810 पैकेट शराब जब्त की गई।
ओबरा से हाजीपुर जा रही थी शराब की खेप
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार चालक की पहचान रोहित कुमार (25), निवासी कानो विशुनपुर, समस्तीपुर (बिहार) के रूप में हुई है। पूछताछ में उसने कथित रूप से पुलिस को बताया कि शराब की खेप ओबरा के अविनाश जायसवाल ने लोड कराई थी। इसे बिहार के हाजीपुर में आलू सिंह के पास पहुंचाया जाना था। इस पूरे मामले में समस्तीपुर निवासी मोनू कुमार के भी सहयोगी होने की बात सामने आई है।
पहले भी शराब तस्करी में जा चुका है जेल
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार चालक रोहित कुमार पूर्व में भी शराब तस्करी के मामले में जेल जा चुका है। उसके खिलाफ पलामू में कंटेनर वाहन से 155 पेटी शराब की तस्करी का मामला सामने आया था।
पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वाहन के कागजात और वास्तविक चेसिस-इंजन नंबर में अंतर पाया गया है। इससे फर्जी नंबर प्लेट के इस्तेमाल की आशंका सामने आई है। पुलिस अब स्कॉर्पियो के वास्तविक मालिक की पहचान करने के साथ ही शराब की सप्लाई से जुड़े पूरे अंतरराज्यीय नेटवर्क की जांच में जुटी है। पुलिस आरोपितों से पूछताछ के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।







