
रांची: झारखंड की राजनीति में एक बार फिर विधायक जयराम महतो का मामला चर्चा में है। JLKM विधायक जयराम महतो ने विधानसभा अध्यक्ष रबींद्रनाथ महतो को पत्र लिखकर अपने खिलाफ दर्ज हो रही प्राथमिकी को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके खिलाफ अलग-अलग थानों में ऐसे मामले दर्ज कराए जा रहे हैं, जिनमें तथ्यों और परिस्थितियों का पर्याप्त परीक्षण नहीं किया गया है।
विधायक ने अपने पत्र में कहा है कि उनके खिलाफ लगातार प्राथमिकी दर्ज होने से उनकी सामाजिक और राजनीतिक छवि प्रभावित हो रही है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए उनकी गरिमा और प्रतिष्ठा की रक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
‘मेरा विधायक बनना कुछ लोगों को खल रहा है’
जयराम महतो ने आरोप लगाया कि उनके विधायक बनने के बाद कुछ लोगों को यह बात पसंद नहीं आ रही है और इसी वजह से उन्हें निशाना बनाने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि अलग-अलग घटनाओं को लेकर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का सिलसिला चल रहा है।
हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे कानून से ऊपर नहीं हैं और यदि किसी मामले में उनके खिलाफ वास्तविक आरोप हैं तो कानून अपना काम कर सकता है। लेकिन उनका सवाल यह है कि किसी व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज करने से पहले आरोपों की वास्तविकता और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करना भी जरूरी है।
पुलिस की कार्रवाई पर उठाया सवाल
JLKM विधायक ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि क्या प्राथमिकी दर्ज करने से पहले पुलिस को आरोपों की गंभीरता, उपलब्ध साक्ष्यों और घटनास्थल की परिस्थितियों का परीक्षण नहीं करना चाहिए?
उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में राह चलते लोग भी उनके खिलाफ शिकायत कर मुकदमे दर्ज करा देते हैं। जयराम महतो का कहना है कि इस तरह की शिकायतों की प्राथमिक जांच किए बिना प्राथमिकी दर्ज होने से उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचता है।
स्पीकर से लगाई हस्तक्षेप की गुहार
अपने पत्र के जरिए जयराम महतो ने विधानसभा अध्यक्ष रबींद्रनाथ महतो से पूरे मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि के खिलाफ लगातार तथ्यहीन और भ्रामक मामले दर्ज होने से न केवल व्यक्तिगत प्रतिष्ठा प्रभावित होती है, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा पर भी सवाल खड़े होते हैं।
अब जयराम महतो के इस पत्र के बाद विधानसभा अध्यक्ष की ओर से क्या रुख अपनाया जाता है, इस पर राजनीतिक हलकों की नजर बनी हुई है। वहीं, विधायक द्वारा पुलिस की कार्रवाई और प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया पर उठाए गए सवालों ने झारखंड की सियासत में एक नया मुद्दा खड़ा कर दिया है।





