
धनबाद: बरवाअड्डा थाना प्रभारी के साथ मोबाइल फोन पर कथित तौर पर अमर्यादित भाषा के इस्तेमाल को लेकर झारखंड पुलिस एसोसिएशन और डुमरी विधायक जयराम महतो के बीच विवाद तूल पकड़ता जा रहा है। पुलिस एसोसिएशन की ओर से 24 घंटे के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के अल्टीमेटम के बाद अब विधायक जयराम महतो ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने साफ कहा है कि वह माफी मांगने के बजाय अपने रुख पर कायम रहेंगे। जयराम महतो ने कहा, “फांसी पर चढ़ जाऊंगा, लेकिन माफी नहीं मांगूंगा।”
विधायक ने पुलिस एसोसिएशन की ओर से आयोजित प्रेस वार्ता के औचित्य पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि बरवाअड्डा थाना प्रभारी के साथ उनकी बातचीत किसी सार्वजनिक मंच या सार्वजनिक स्थान पर नहीं हुई थी, बल्कि मोबाइल फोन के जरिए निजी तौर पर हुई थी। ऐसे में निजी बातचीत को सार्वजनिक किए जाने को लेकर उन्होंने निजता के अधिकार का मुद्दा उठाया।
निजी बातचीत सार्वजनिक करने पर उठाए सवाल
जयराम महतो ने कहा कि मोबाइल फोन पर हुई बातचीत व्यक्तिगत थी और उसे सार्वजनिक करना निजता के अधिकार से जुड़ा विषय है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 21 का हवाला देते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को निजता का अधिकार प्राप्त है। विधायक ने सवाल उठाया कि यदि बातचीत निजी थी, तो उसे सार्वजनिक करने और उसके आधार पर प्रेस वार्ता करना कितना उचित है।
उन्होंने पुलिस संगठन से सवाल किया कि किसी व्यक्ति की निजी बातचीत को सार्वजनिक करने का आधार क्या है। विधायक का कहना है कि पूरे मामले को जिस तरीके से सार्वजनिक मंच पर उठाया गया, उस पर भी सवाल खड़े होते हैं।
पुलिस एसोसिएशन के अल्टीमेटम पर नहीं झुके विधायक
पुलिस एसोसिएशन ने मंगलवार को प्रेस वार्ता कर थाना प्रभारी के साथ कथित दुर्व्यवहार पर नाराजगी जताई थी। एसोसिएशन ने जयराम महतो से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग करते हुए इसके लिए 24 घंटे की समय-सीमा तय की थी। अब विधायक ने इस अल्टीमेटम को लेकर स्पष्ट कर दिया है कि वह माफी मांगने के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह अपने पक्ष पर कायम हैं और दबाव में आकर माफी नहीं मांगेंगे।
ऑडियो वायरल होने के बाद शुरू हुआ विवाद
दरअसल, विधायक जयराम महतो और बरवाअड्डा थाना प्रभारी के बीच मोबाइल फोन पर हुई कथित बातचीत का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। ऑडियो में कथित तौर पर गाली-गलौज के इस्तेमाल का आरोप लगाया गया। ऑडियो सामने आने के बाद पुलिस महकमे में नाराजगी जताई गई और झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विधायक से सार्वजनिक माफी की मांग की। एसोसिएशन की ओर से प्रेस वार्ता के जरिए कहा गया कि पुलिस पदाधिकारी के साथ इस तरह का कथित व्यवहार स्वीकार्य नहीं है। इसके बाद संगठन ने विधायक को 24 घंटे के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने का अल्टीमेटम दिया।
फिलहाल, इस पूरे विवाद ने पुलिस संगठन और विधायक के बीच टकराव की स्थिति पैदा कर दी है। एक तरफ पुलिस एसोसिएशन अपने पदाधिकारी के कथित अपमान को लेकर माफी की मांग पर कायम है, वहीं जयराम महतो निजी बातचीत को सार्वजनिक किए जाने और उसके आधार पर कार्रवाई की मांग को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में इस विवाद के और बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।







