माता-पिता और गुरु का सम्मान ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी : नकुल कुमार शर्मा
झारखंड वार्ता संवाददाता
श्री बंशीधर नगर (गढ़वा)। स्थानीय सरस्वती विद्या मंदिर की वंदना सभा में सोमवार को विद्या विकास समिति, झारखंड के प्रदेश सचिव नकुल कुमार शर्मा ने विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, संस्कार और गुरु-शिष्य परंपरा का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि माता-पिता एवं आचार्यों का आशीर्वाद ही जीवन की सबसे बड़ी शक्ति है और प्रत्येक विद्यार्थी को प्रतिदिन उनका सम्मान करना चाहिए।
अपने प्रेरक संबोधन में श्री शर्मा ने कहा कि विद्यालय आने से पहले घर में माता-पिता का तथा विद्यालय पहुंचने पर आचार्य एवं दीदीजी का चरण स्पर्श अवश्य करना चाहिए। यही हमारी सनातन संस्कृति की पहचान है। उन्होंने कहा कि संस्कार और सदाचार ही भारतीय संस्कृति के वास्तविक संवाहक हैं। शास्त्रों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रतिदिन बड़ों का अभिवादन करने से आयु, विद्या, यश और बल में वृद्धि होती है तथा व्यक्ति का सर्वांगीण विकास होता है।
उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, विनम्रता और सेवा भाव को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। साथ ही कहा कि अच्छे संस्कार ही बच्चों को भविष्य में सफल और आदर्श नागरिक बनाते हैं।
इस अवसर पर पलामू विभाग प्रमुख अखिलेश कुमार, प्रभारी प्रधानाचार्य सुधीर प्रसाद श्रीवास्तव, आचार्य नंदलाल पांडेय, सत्येंद्र प्रजापति, नीरज सिंह, दिनेश कुमार, सुजीत दुबे, अशोक कुमार, हिमांशु झा, कृष्ण मुरारी, बिक्रम प्रसाद, लालू कुमार, प्रीतम कुमार, प्रवीण कुमार, विवेक तथा आचार्या नीति कुमारी, सुप्रिया कुमारी, खुशबू सिंघल, आरती श्रीवास्तव, रेणु पाठक, सलोनी कुमारी, अदिति, तन्वी, अनामिका सहित विद्यालय परिवार के सभी सदस्य उपस्थित थे।
