रांची: झारखंड राज भवन का नाम बुधवार से बदल गया है आज से यह लोक भवन के नाम से जाना जाएगा।केंद्र सरकार के निर्देश के बाद झारखंड के राजभवन का नाम बदलकर अब ‘लोक भवन’ कर दिया गया है। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार के अपर मुख्य सचिव नितिन मदन कुलकर्णी के हस्ताक्षर से आज यानी बुधवार को अधिसूचना जारी कर दी गई है। जारी अधिसूचना के अनुसार राजधानी रांची और उपराजधानी दुमका स्थित राजभवन का यह नया नाम तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
केंद्रशासित प्रदेशों के आवासों के नाम भी बदले
केंद्र सरकार ने देश के सभी राज्यों के राजभवनों का नाम बदलकर ‘लोक भवन’ करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा, केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में उपराज्यपाल के निवास-कार्यालय का नाम अब ‘लोक निवास’ रखा जाएगा। सरकार का कहना है कि नाम बदलने का उद्देश्य औपनिवेशिक मानसिकता को समाप्त करना है।
इतिहास में गवर्नर हाउस के रूप में जाना जाता था
ब्रिटिश शासन के दौरान राजभवन को ‘गवर्नर हाउस’ कहा जाता था। झारखंड राजभवन की बात करें तो राज्य गठन के बाद 2000 में यह पूरी तरह से स्थापित हुआ। राजभवन परिसर कुल 62 एकड़ में फैला हुआ है, जिसमें मुख्य राजभवन 52 एकड़ और ऑड्रे हाउस 10 एकड़ में स्थित है।
इस राजभवन का निर्माण 1930 में शुरू हुआ था और मार्च 1931 में लगभग 7 लाख रुपये की लागत से पूरा हुआ। इसका डिज़ाइन ब्रिटिश वास्तुकार सैडलो बैलर्ड ने तैयार किया था। इमारत मुख्यतः ब्रिटिश शैली की है, लेकिन इसे स्थानीय जलवायु के अनुसार बनाया गया है। छत पर गर्मी से बचाव के लिए डबल रानीगंज टाइलें लगी हैं और बैठक कक्ष व दरबार हॉल में सागौन की लकड़ी का उपयोग हुआ है।








