रांची: रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) कमांडेंट पवन कुमार के विशेष निर्देश पर 8 जनवरी को रांची रेलवे स्टेशन पर एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की गई। आरपीएफ द्वारा चलाए जा रहे ‘नन्हें फरिश्ते’ अभियान के तहत आरपीएफ पोस्ट रांची की मानव तस्करी विरोधी इकाई (एएचटीयू) ने दीनदयाल उपाध्याय नगर टीम एवं अपराध आसूचना शाखा रांची के सहयोग से संयुक्त रूप से स्टेशन परिसर में गहन जांच अभियान चलाया।
शाम के समय जांच के दौरान प्लेटफार्म संख्या-2 पर दो लड़कियां अकेली और संदिग्ध अवस्था में बैठी हुई पाई गईं। उनकी शारीरिक बनावट और व्यवहार से टीम को संदेह हुआ कि वे नाबालिग हो सकती हैं। इसके बाद आरपीएफ टीम ने मानवीय संवेदनशीलता के साथ दोनों से पूछताछ की।
पूछताछ में लड़कियों ने बताया कि वे खूंटी जिले की रहने वाली हैं और घरेलू काम की तलाश में अपने घर से निकलकर रांची पहुंची थीं। दस्तावेजों की जांच और आवश्यक सत्यापन के बाद यह पुष्टि हुई कि दोनों लड़कियां नाबालिग हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आरपीएफ ने तत्काल उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता दी और सभी आवश्यक कानूनी व प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी कीं। इसके बाद दोनों नाबालिग बच्चियों को सुरक्षित रूप से चाइल्डलाइन रांची के सदस्यों के सुपुर्द कर दिया गया, ताकि उन्हें उचित संरक्षण, परामर्श और आगे की आवश्यक सहायता मिल सके।
आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि रेलवे स्टेशन मानव तस्करों का एक प्रमुख निशाना होता है, जिसे देखते हुए ‘नन्हें फरिश्ते’ अभियान के तहत नियमित जांच और निगरानी की जा रही है। इस कार्रवाई से एक बार फिर यह साबित हुआ है कि आरपीएफ न सिर्फ रेलवे सुरक्षा बल्कि समाज के सबसे कमजोर वर्ग की रक्षा के लिए भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।











