गढ़वा: जिले के बरडीहा थाना क्षेत्र में डायन-बिसाही जैसी कुप्रथा के चलते तीन वर्षीय मासूम की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले का खुलासा कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
24 फरवरी 2026 को बरडीहा थाना प्रभारी ऋषिकेश कुमार सिंह को सूचना मिली कि थाना क्षेत्र से एक तीन वर्षीय बच्चा लापता हो गया है। सूचना मिलते ही पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर बच्चे की तलाश शुरू कर दी। इसके अगले दिन 25 फरवरी 2026 को बच्चे का शव उसके घर के उत्तर दिशा में लगभग 100 मीटर दूर अरहर के खेत से बरामद किया गया। शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक, गढ़वा के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी टीम का गठन किया गया। टीम ने वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले का त्वरित उद्भेदन करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ललन उरांव और विशाल उरांव
के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान दोनों ने बच्चे की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली।
आरोपियों की निशानदेही पर शव से करीब 5 मीटर दूरी पर पुलिस ने जूट का एक बोरा, सल्फास लिखा हुआ दो पर्ची, एक पुड़िया में भूरा रंग का गंधयुक्त पाउडर, सल्फास लिखा हुआ प्लास्टिक का पुड़िया, एक सफेद रंग का प्लास्टिक बोरा बरामद किया है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने डायन-बिसाही के अंधविश्वास में आकर इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऐसी कुरीतियां पूरी तरह अवैध हैं और कानूनन दंडनीय अपराध की श्रेणी में आती हैं।
पुलिस ने कहा है कि वह लगातार लोगों को अंधविश्वास और डायन-बिसाही जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ जागरूक करती रही है, बावजूद इसके इस तरह की घटनाएं बेहद दुखद हैं।
इस संबंध में बरडीहा थाना में कांड संख्या 10/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है।














