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बांग्लादेश:राक्षस के वेष में काली मंदिर में घुसे अपराधी! बैग रख कर गए, हो गया ब्लास्ट,मची अफरातफरी

On: March 8, 2026 8:07 PM
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वारदात सीसीटीवी में कैद, पुलिस जांच में जुटी

बांग्लादेश: काली मंदिर में पूजा पाठ के दौरान राक्षस के वेष में आए अपराधियों ने बैग रखा और चलते बने इसके बाद मंदिर में ब्लास्ट हो गया। जिसे पूजा पाठ में लगे श्रद्धालुओं में अफरा तफरी मच गई। वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। लोगों में दहशत का माहौल है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये घटना उस समय हुई जब मंदिर में श्रद्धालु पूजा-अर्चना कर रहे थे. इसी दौरान कुछ लोग चेहरे पर राक्षस का मास्क लगाकर मंदिर परिसर के पास पहुंचे और बैग में बम रखकर भाग गए. आरती के वक्त अचानक तेज धमाका हुआ. विस्फोट की आवाज सुनते ही मंदिर में मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे.
सीसीटीवी में रिकॉर्ड हुई घटना

हमलावरों की यह पूरी हरकत मंदिर के बाहर लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है. वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ नकाबपोश युवक मंदिर के पास आते हैं और थोड़ी देर बाद वहां एक बैग रखकर चले जाते हैं, जिसमें बम था. पुलिस अब इसी वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की कोशिश कर रही है. स्थानीय लोगों के मुताबिक, घटना के समय मंदिर में पूजा चल रही थी और कई श्रद्धालु वहां मौजूद थे. अचानक हुए धमाके से लोग घबरा गए. हालांकि राहत की बात ये रही कि इस हमले में किसी के गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ, लेकिन मंदिर परिसर में हल्का नुकसान जरूर हुआ है.

मामले की जांच में जुटी पुलिस

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा बल मौके पर पहुंच गए. पुलिस ने इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी है और आसपास के लोगों से पूछताछ भी की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही हमलावरों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा. पुलिस का कहना है कि CCTV फुटेज की जांच की जा रही है और संदिग्ध लोगों की तलाश जारी है. इसके साथ ही आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि आगे किसी तरह की अनहोनी न हो. बांग्लादेश में पिछले कुछ सालों में मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर हमले की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिन्हें लेकर अल्पसंख्यक समुदायों में चिंता बढ़ी है. रिपोर्ट्स के मुताबिक अलग-अलग इलाकों में मंदिरों में तोड़फोड़ और हमलों की घटनाएं पहले भी दर्ज की जा चुकी हैं.

Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।

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