बेंगलुरु: कर्नाटक के गदग जिले के ऐतिहासिक कस्बे लक्कुंडी में एक युवक की ईमानदारी इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। दरअसल, यहां रहने वाले प्रज्वल रिट्टी अपने पुराने घर का निर्माण कार्य करवा रहे थे। इसी दौरान जब मजदूर नींव की खुदाई कर रहे थे, तब जमीन के अंदर से एक पुराना बक्सा मिला। बक्सा खुलते ही सभी हैरान रह गए, क्योंकि उसके अंदर सोने के कई प्राचीन आभूषण रखे हुए थे। ये गहने काफी पुराने और कीमती लग रहे थे। प्रज्वल चाहें तो इस खजाने को छिपा सकते थे, लेकिन उन्होंने ईमानदारी दिखाते हुए तुरंत इसकी सूचना स्थानीय प्रशासन को दे दी।
जांच में सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई
प्रशासन ने गहनों को अपने कब्जे में लेकर विशेषज्ञों से उनकी जांच करवाई। जांच में पता चला कि ये आभूषण बेहद प्राचीन हैं और संभवतः विजयनगर साम्राज्य या चालुक्य वंश के समय के हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक ये गहने करीब 500 से 600 साल पुराने हो सकते हैं।

खजाने में कुल 22 दुर्लभ आभूषण पाए गए, जिनका कुल वजन करीब 466 ग्राम है। इनमें सोने के कंगन, हार, सिक्के, छोटे-छोटे मनके और अन्य प्राचीन आभूषण शामिल हैं। चूंकि ये ऐतिहासिक और एंटीक वस्तुएं हैं, इसलिए इनकी कीमत सामान्य सोने के भाव से कई गुना अधिक आंकी गई। विशेषज्ञों ने इनकी अनुमानित कीमत करीब 8 करोड़ रुपये बताई है।

परिवार को इनाम का इंतजार
जब गहनों की वास्तविक कीमत सामने आई तो प्रज्वल और उनके परिवार के लोग भी हैरान रह गए। हालांकि प्रज्वल को उम्मीद थी कि सरकार नियमों के मुताबिक उन्हें इनाम देगी, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हो सका है।
कानून के अनुसार मिल सकता है पांचवां हिस्सा
कर्नाटक में लागू ट्रेजर ट्रोव एक्ट के तहत यदि किसी व्यक्ति को अपनी निजी जमीन की खुदाई के दौरान कोई खजाना मिलता है और वह इसकी जानकारी सरकार को देता है, तो उसे उस खजाने की निर्धारित कीमत का एक हिस्सा दिया जा सकता है।
परिवार का कहना है कि 8 करोड़ रुपये की एंटीक कीमत के हिसाब से उन्हें कम से कम 20 प्रतिशत यानी करीब 1.6 करोड़ रुपये मिलने चाहिए। उनका कहना है कि वे सिर्फ सोने के वजन के आधार पर नहीं, बल्कि उसकी ऐतिहासिक कीमत के आधार पर मुआवजा चाहते हैं।
उधर राज्य के मंत्री एच.के. पाटिल और लक्कुंडी विकास प्राधिकरण के सदस्य सिद्धू पाटिल ने परिवार को भरोसा दिलाया है कि सरकार इस मामले में जल्द ही निर्णय लेगी। मंत्री के अनुसार सरकार ने परिवार को घर बनाने के लिए जमीन भी उपलब्ध कराई है। हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि सरकार परिवार को 1.6 करोड़ रुपये का इनाम देगी या नहीं। फिलहाल प्रज्वल और उनका परिवार सरकार के फैसले का इंतजार कर रहा है।














