हजारीबाग: त्योहारों में अति संवेदनशील माने जाने वाले हजारीबाग जिले पहुंची झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा। जहां उन्होंने जुलूस के रास्तों का बारीकी से निरीक्षण किया। उनके साथ जिले के एसपी और अन्य आला अधिकारी भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने उन इलाकों पर खास ध्यान दिया, जिन्हें संवेदनशील और अतिसंवेदनशील माने जाते हैं।
इस दौरान डीजीपी ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि जुलूस के दौरान हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर नजर रखी जाए। उनका साफ कहना था कि त्योहार की गरिमा बनाए रखना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है, और इसके लिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अफवाहों के दौर में डिजिटल चौकसी
आज के समय में अफवाहें सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरती हैं। इसे ध्यान में रखते हुए तदाशा मिश्रा ने सोशल मीडिया मॉनिटरिंग पर खास जोर दिया। पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि फेसबुक, व्हाट्सएप और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर फैलने वाली किसी भी भ्रामक जानकारी पर तुरंत कार्रवाई की जाए। कंट्रोल रूम में विशेष टीमों को तैनात किया गया है, जो 24 घंटे निगरानी रखेंगी।
तकनीक के सहारे सुरक्षा का घेरा
इस बार सुरक्षा व्यवस्था में तकनीक की अहम भूमिका है।
शहर के प्रमुख स्थानों पर हाई-रिजॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं
ड्रोन के जरिए भीड़ और जुलूस की लाइव निगरानी की जाएगी
कंट्रोल रूम से रियल-टाइम मॉनिटरिंग होगी
इन सभी उपायों का मकसद है कि किसी भी अप्रिय स्थिति से पहले ही निपटा जा सके।
लोगों से सहयोग की अपील
प्रशासन ने साफ किया है कि सिर्फ पुलिस की सख्ती ही नहीं, बल्कि आम लोगों का सहयोग भी जरूरी है। तदाशा मिश्रा ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें। यदि कहीं कोई संदिग्ध गतिविधि नजर आए, तो तुरंत पुलिस को सूचित करने को कहा गया है।
डीजीपी के दौरे और सख्त निर्देशों के बाद स्थानीय प्रशासन और ज्यादा एक्टिव हो गया है। शहर के लोगों में भी एक भरोसा पैदा हुआ है कि इस बार रामनवमी का पर्व शांति, सुरक्षा और भाईचारे के साथ मनाया जाएगा।
इस मौके पर उनके साथ जिले के एसपी और वरीय अफसर भी नजर आए।










