रांची: झारखंड की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य में अपराध, राजनीति और प्रशासनिक तंत्र के कथित गठजोड़ को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए राज्य में संगठित आपराधिक नेटवर्क के सक्रिय होने की आशंका जताई और इसकी उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
मरांडी ने अपने पोस्ट में कहा कि इन दिनों फिल्म ‘धुरंधर’ के जरिए विदेश में बैठकर भारत में आतंक और अपराध फैलाने वाले नेटवर्क, उनकी फंडिंग और राजनीतिक संरक्षण जैसे मुद्दे चर्चा में हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने दावा किया कि झारखंड में भी पिछले कुछ वर्षों से इसी तरह की साजिश चल रही है।
मरांडी ने कुख्यात अपराधी प्रिंस खान का जिक्र करते हुए कहा कि उसका आतंक राज्य में तेजी से बढ़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की मिलीभगत और राजनीतिक संरक्षण के कारण प्रिंस खान का फर्जी पासपोर्ट बनाया गया, जिससे वह दुबई भागने में सफल रहा।
उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रिंस खान झारखंड में पंजाब के रास्ते ‘मेड इन पाकिस्तान’ हथियारों और ड्रग्स की सप्लाई का नेटवर्क चला रहा है। हाल ही में रांची में एक रेस्टोरेंट कर्मी की हत्या के मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जांच के दौरान प्रिंस खान के करीबी राणा राहुल सिंह का नाम सामने आया है।
मरांडी ने आरोप लगाया कि राणा राहुल सिंह को रांची पुलिस द्वारा बॉडीगार्ड मुहैया कराया गया था। उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि उसे यह सुरक्षा किसी हाईप्रोफाइल व्यक्ति की पैरवी पर दी गई थी।
इसी बीच एक तस्वीर के सामने आने का भी जिक्र किया गया, जिसमें राणा राहुल सिंह को राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार के साथ देखा जा रहा है। हालांकि मरांडी ने यह भी माना कि किसी के साथ तस्वीर में होना सीधे संबंध का प्रमाण नहीं होता, लेकिन इससे संभावित नेटवर्क की ओर संकेत जरूर मिलता है।
नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पूरे मामले की गहन जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है और राज्य की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है।
साथ ही उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्रालय से भी हस्तक्षेप करने की अपील की। उन्होंने पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता का जिक्र करते हुए वायरल ऑडियो के आधार पर उनकी संपत्ति और प्रिंस खान को देश से बाहर भगाने में संभावित भूमिका की जांच कराने की मांग की।
मरांडी के इन आरोपों के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। हालांकि अभी तक सरकार या संबंधित अधिकारियों की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।











