मझिआंव (गढ़वा): उँचरी स्थित आर.के. पब्लिक स्कूल के प्रांगण में भारतीय संविधान के शिल्पकार और महान समाज सुधारक भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती अत्यंत श्रद्धा और गरिमा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विद्यालय की विशेष प्रार्थना सभा में शिक्षकों और विद्यार्थियों ने बाबा साहब के आदर्शों को याद किया।
पुष्पांजलि से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के प्राचार्य श्री के.आर. झा ने की। उन्होंने शिक्षकों और छात्र परिषद के प्रतिनिधियों के साथ बाबा साहब के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस दौरान पूरा विद्यालय परिसर ‘बाबा साहब अमर रहें’ के नारों और उनके प्रति सम्मान से ओतप्रोत दिखा।

‘करोड़ों लोगों के प्रेरणास्रोत हैं बाबा साहब’
उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए प्राचार्य श्री के.आर. झा ने डॉ. अंबेडकर के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा:
“डॉ. अंबेडकर न केवल भारतीय संविधान के मुख्य वास्तुकार थे, बल्कि वे एक महान विधिवेत्ता, अर्थशास्त्री और समाज सुधारक भी थे। स्वतंत्र भारत के पहले कानून मंत्री के रूप में उन्होंने न्यायपूर्ण समाज की नींव रखी। उनका जीवन संघर्ष और सफलता की वह गाथा है, जो आज भी करोड़ों युवाओं को प्रेरित करती है।”
प्राचार्य ने छात्रों को बताया कि किस तरह बाबा साहब ने सामाजिक भेदभाव के खिलाफ लड़ाई लड़ी और 1990 में उन्हें मरणोपरांत देश के सर्वोच्च सम्मान ‘भारत रत्न’ से नवाजा गया।
अध्यक्ष श्री अलख नाथ पांडेय ने दी शुभकामनाएं
प्रख्यात शिक्षाविद् एवं आर.के. ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के अध्यक्ष श्री अलख नाथ पांडेय ने अपने संदेश के माध्यम से विद्यालय के इस आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि महापुरुषों की जयंती मनाने से छात्रों में न केवल नैतिक मूल्यों का विकास होता है, बल्कि उन्हें अपने व्यक्तित्व को निखारने और पढ़ाई में बेहतर करने की प्रेरणा भी मिलती है।
छात्रों ने लिया संकल्प
जयंती समारोह के दौरान विद्यालय के सभी छात्र एवं शिक्षक उपस्थित रहे। छात्रों ने बाबा साहब के दिखाए गए समानता और शिक्षा के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।














