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प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. ओम्भु प्रसाद के निधन पर शोक, पूर्व मंत्री रामचंद्र केसरी बोले—अपने परम मित्र को खो दिया

On: April 24, 2026 5:46 PM
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शुभम जायसवाल

श्री बंशीधर नगर (गढ़वा)। क्षेत्र के प्रसिद्ध चिकित्सक एवं समाजसेवी डॉ. ओम्भु प्रसाद का गुरुवार को इलाज के दौरान निधन हो गया। वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे और बेंगलुरु के मणिपाल अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ पड़ी।

जानकारी के अनुसार, डॉ. ओम्भु प्रसाद का पहले दिल्ली के मेदांता अस्पताल में इलाज चल रहा था, लेकिन स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने पर उन्हें बेंगलुरु रेफर किया गया था। इलाज के दौरान उनके पुत्र आयुष कुमार, पीयूष कुमार एवं पत्नी मंजू देवी लगातार उनके साथ थे, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

डॉ. ओम्भु प्रसाद के निधन पर पूर्व मंत्री रामचंद्र केसरी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने इसे अपनी व्यक्तिगत क्षति बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने एक परम मित्र को खो दिया। उन्होंने कहा कि डॉ. प्रसाद न केवल एक कुशल चिकित्सक थे, बल्कि समाजसेवा और मानवीय मूल्यों के प्रति समर्पित व्यक्तित्व थे।

पूर्व मंत्री ने बताया कि उनका डॉ. प्रसाद के साथ वर्षों पुराना संबंध रहा है और उन्होंने सामाजिक व राजनीतिक जीवन के कई महत्वपूर्ण पड़ाव साथ बिताए। उन्होंने जेपी आंदोलन के दौर में भी सक्रिय भूमिका निभाई और समाज के लिए उल्लेखनीय योगदान दिया।

रामचंद्र केसरी ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोकाकुल परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में वे पूरी तरह परिवार के साथ खड़े हैं और ईश्वर से उन्हें इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति देने की कामना करते हैं।

उनका अंतिम संस्कार शनिवार को धमनी गांव के बाकी नदी के तट पर स्थित मुक्तिधाम पर किया जाएगा।

Shubham Jaiswal

“मैं शुभम जायसवाल, बीते आठ वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने विभिन्न प्रतिष्ठित अखबारों और समाचार चैनलों में प्रतिनिधि के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले पाँच वर्षों से मैं साप्ताहिक अखबार ‘झारखंड वार्ता’ से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ। पत्रकारिता मेरे लिए केवल पेशा नहीं बल्कि समाज और जनता के प्रति एक जिम्मेदारी है, जहाँ मेरी कलम हमेशा सच और न्याय के पक्ष में चलती है।

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